वाराणसी: केयर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही व बदसलूकी का आरोप; सड़क पर किया चक्काजाम
₹15 के विवाद और एडवांस वसूली के बीच बिगड़ी मासूम की हालत, परिजनों का आरोप— ऑपरेशन के बाद डॉक्टर गायब, स्टाफ ने की मारपीट
वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र स्थित केयर हॉस्पिटल (नेवादा) में इलाज के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर घोर लापरवाही, आर्थिक शोषण और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाते हुए सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया और चक्काजाम कर दिया।



तीन तारीख से चल रहा था इलाज, फेफड़े के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चे को तेज बुखार और खून में इन्फेक्शन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों (चुनार निवासी फूफा रामशरण यादव) ने बताया कि शुरुआत में दवाइयों से सुधार के बाद डॉक्टरों ने फेफड़े में पानी जमा होने की बात कही और चेस्ट में ट्यूब डालने के लिए ऑपरेशन किया। आरोप है कि 13 अगस्त को हुए ऑपरेशन के बाद से ही बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और जिम्मेदार डॉक्टर उसे देखने तक नहीं आए।

₹15 के मामूली विवाद पर रोका इलाज, एडवांस वसूली का आरोप
पीड़ित परिवार ने भदैनी मिरर को बताया कि अस्पताल प्रशासन का पूरा ध्यान केवल पैसे वसूलने पर केंद्रित था। 32,000 रुपये एडवांस और 17,000 रुपये ऑपरेशन शुल्क जमा कराने के बाद भी महज 15 रुपये के बकाए के चलते दवाइयों के लिए परिजनों को ढाई घंटे तक दौड़ाया गया। गलती से स्टाफ के खाते में ऑनलाइन भेजे गए ₹2,000 को भी लौटाने या दवा बिल में एडजस्ट करने से साफ इनकार कर दिया गया।



स्टाफ की बदसलूकी और मारपीट का आरोप
परिजनों ने अस्पताल की जूनियर डॉक्टर/कर्मचारी अर्चना सिंह पर संवेदनहीनता और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। आरोप है कि जब परिजनों ने बच्चे की गिरती पल्स और ठंडे पड़ते शरीर को देखकर डॉक्टर को बुलाने की मांग की, तो उनसे कहा गया कि "जब हम चाहेंगे तभी डॉक्टर आएंगे, जिससे शिकायत करनी है कर लो।" परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर वीआईपी रूम के बाहर मरीज की रिश्तेदार महिला के साथ चप्पल से मारपीट की गई।
सड़क पर किया चक्काजाम, पुलिस बल तैनात
सोमवार सुबह जब डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया, तो आक्रोशित परिजनों ने चितईपुर मार्ग पर धरना देकर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही चितईपुर पुलिस और एसीपी भेलूपुर मौके पर पहुंचे।
पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, डॉक्टरों की मेडिकल डिग्रियों की जांच करने और दोषी कर्मचारियों की गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल पुलिस परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी हुई है।
