वाराणसी: सेंट्रल बार एसोसिएशन चुनाव संपन्न, 20 पदों के लिए 77 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला रविवार को
गहमागहमी के बीच शांतिपूर्ण मतदान, बनारस बार एसोसिएशन के चुनाव परिणाम भी एक साथ होंगे घोषित
रिपोर्ट- वीरेंद्र पटेल
वाराणसी, भदैनी मिरर। पूर्वांचल के अधिवक्ताओं के सबसे बड़े संगठन दी सेंट्रल बार एसोसिएशन का चुनाव शनिवार को कड़ी गहमागहमी और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। पूरे दिन चले मतदान के बाद अब सभी की निगाहें रविवार पर टिकी हैं, जब मतों की गिनती के साथ विजयी प्रत्याशियों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इसी दिन बनारस बार एसोसिएशन के चुनाव परिणाम भी सामने आएंगे।



अध्यक्ष- महामंत्री पद पर खास मुकाबला
इस चुनाव में अध्यक्ष, महामंत्री सहित कुल 20 पदों के लिए 77 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं। इन प्रतिष्ठापरक पदों को लेकर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मतदान प्रक्रिया दिनभर चली और शांतिपूर्ण माहौल में पूरी की गई।
चुनाव को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ समिति के अध्यक्ष राधेलाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूरी टीम मुस्तैद रही। समिति के सदस्य विजय शंकर रस्तोगी, अशोक कुमार सिंह ‘प्रिंस’, मोहन यादव, महफूज आलम, संतोष कुमार सिंह सहित अन्य सदस्य लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे।
इसके साथ ही सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश दूबे और महामंत्री राजेश गुप्ता तथा अन्य पदाधिकारी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।

बनारस बार एसोसिएशन में पहले ही हो चुका है मतदान
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को बनारस बार एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव संपन्न हुआ था। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले मतदान में 76.86 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसे अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।
दोनों बार एसोसिएशनों की मतगणना रविवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी। बनारस बार एसोसिएशन के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में वरिष्ठ समिति के अध्यक्ष अमरनाथ शर्मा के साथ सदस्य सुरेश श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्रमोद पाठक, तारकनाथ गांगुली, अमरेश मिश्र, प्रदीप श्रीवास्तव, अजय बरनवाल, कमलेश यादव, अमित कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिवक्ताओं की अहम भूमिका रही।

नतीजों पर टिकी अधिवक्ता समुदाय की नजर
अब वाराणसी के पूरे अधिवक्ता समुदाय की नजर रविवार को आने वाले नतीजों पर टिकी है। सेंट्रल बार और बनारस बार एसोसिएशन—दोनों के चुनाव परिणाम न सिर्फ संगठनात्मक नेतृत्व तय करेंगे, बल्कि आने वाले समय में वाराणसी की अधिवक्ता राजनीति की दिशा भी निर्धारित करेंगे।
