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वाराणसी: आयुष्मान कार्ड में लापरवाही पर CDO का 'हंटर', नोडल अफसर और बड़ागांव प्रभारी का वेतन रोका; सेल के कर्मी भी नपे

सख्त कार्रवाई: आयुष्मान कार्ड बनाने में फिसड्डी साबित होने पर बड़ागांव प्रभारी का लगातार दूसरे महीने वेतन बाधित।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आयुष्मान भारत योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की समीक्षा के दौरान लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कई अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

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cdoबड़ागांव प्रभारी पर गिरी गाज, नोडल अफसर भी नपे

समीक्षा के दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और उनका लगातार दूसरे महीने वेतन रोकने का आदेश दिया। इसके साथ ही आयुष्मान सेल में कार्यरत कर्मियों और आयुष्मान नोडल डॉ. आर.के. सिंह का वेतन भी निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता बरतने पर तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध कर दिया गया।

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हेल्थ डैशबोर्ड में रैंकिंग सुधारने की चुनौती

बैठक में सीडीओ ने इस बात पर संतोष जताया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड में वाराणसी पांचवें स्थान पर है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार जरूरी है ताकि रैंकिंग नीचे न गिरे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में शत-प्रतिशत बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने और आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों को संदर्भित करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने का निर्देश दिया।

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टीबी मुक्त अभियान और मातृ स्वास्थ्य पर जोर

सीडीओ ने टीबी मुक्त अभियान के तहत स्क्रीनिंग बढ़ाने, टीबी नोटिफिकेशन रेट में सुधार और गर्भवती महिलाओं की चार प्रसव पूर्व जांच (4 ANC) में वृद्धि करने के निर्देश दिए। साथ ही आरबीएसके (RBSK) कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों के शत-प्रतिशत उपचार की बात कही।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजेश प्रसाद ने बैठक में सभी कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। इस दौरान विभिन्न चिकित्सालयों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक और विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।