Varanasi Brijesh Ganjhu Encounter: उग्रवादी बृजेश गंझू एनकाउंटर की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू
टीएसपीसी (TSPC) चीफ बृजेश गंझू एनकाउंटर मामला: रामनगर लंका मैदान के पास 20 सितंबर को पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ था झारखंड का इनामी उग्रवादी
वाराणसी / भदैनी मिरर: वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लंका मैदान के पास बीते 20 सितंबर को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए खूंखार उग्रवादी बृजेश गंझू मामले की मजिस्ट्रीयल जांच आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी' (TSPC) के मुखिया रहे बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता (पुत्र स्व. पंजू गंझू) की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 24 अक्टूबर तक का समय
मामले की जांच कर रहे अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) ने सर्वसाधारण को सूचित करते हुए बताया कि इस मुठभेड़ के संबंध में यदि किसी व्यक्ति विशेष के पास कोई प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष जानकारी, साक्ष्य, दस्तावेज या सबूत उपलब्ध हैं, तो वह आगामी 24 अक्टूबर 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।
मजिस्ट्रेट के अनुसार, साक्ष्य प्रस्तुतकर्ता अपना पक्ष लिखित अथवा मौखिक दोनों माध्यमों से उनके न्यायालय कक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र हैं।
20 सितंबर को रामनगर में हुआ था एनकाउंटर
उल्लेखनीय है कि 20 सितंबर को वाराणसी पुलिस व सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान रामनगर के लंका मैदान के पास घेराबंदी की गई थी। इस दौरान खुद को घिरता देख उग्रवादी बृजेश गंझू ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से बृजेश गंझू गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे बाद में मृत घोषित कर दिया गया।
झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बने इस टीएसपीसी उग्रवादी पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। मजिस्ट्रीयल जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
