वाराणसी 'बोरा घोटाला': सपा का बड़ा हमला, सीवर लाइन मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी
ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई, सीसीटीवी निगरानी और स्थायी सुधार की मांग; समाजवादी पार्टी ने खोला मोर्चा
वाराणसी / भदैनी मिरर: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी की सीवर व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मामले और कथित 'बोरा घोटाले' को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने सीवर लाइनों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और सुनियोजित छेड़छाड़ को शहर के जनस्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो पार्टी जनता को साथ लेकर सड़कों पर व्यापक जनआंदोलन करेगी।

जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
सपा प्रतिनिधियों ने मांग की है कि सीवर प्रकरण से जुड़ी सभी जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि वाराणसी की जनता को सच का पता चल सके। इसके साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित ठेकेदार एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने यह भी मांग की है कि मामले को दबाने का कोई प्रयास न हो और घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को तुरंत सुरक्षित किया जाए।

सीवर लाइनों पर CCTV निगरानी और स्थायी समाधान की योजना
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सपा ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
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सीसीटीवी कैमरों से निगरानी: शहर के संवेदनशील सीवर लाइनों और मैनहोल क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
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तकनीकी एवं भौतिक सफाई: शहर की सभी मुख्य सीवर लाइनों की तकनीकी व भौतिक सफाई कराई जाए और इसके स्थायी सुधार के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई जाए।
मांगें पूरी न होने पर जनआंदोलन का अल्टीमेटम
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि काशी देश-दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां की सीवर व्यवस्था में लापरवाही सीधे तौर पर नागरिकों के सम्मान और स्वास्थ्य से जुड़ी है। यदि प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो सपा जनहित में सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और संघर्ष करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी।

