Varanasi: सारनाथ अवैध पटाखा धमाके में पुलिस का बड़ा एक्शन; चौकी इंचार्ज और बीट सिपाही निलंबित
सवाल - आखिर आबादी क्षेत्र में कैसे हुआ पटाखा का भंडारण! घटना के बाद फिर टूटेगा सन्नाटा
भदैनी मिरर डेस्क, वाराणसी। वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित पैगंबरपुर में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) वरुणा जोन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुराना पुल चौकी प्रभारी और संबंधित बीट आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।

लापरवाही पर गिरी गाज: चौकी प्रभारी और सिपाही सस्पेंड
डीसीपी वरुणा राजेश पांडेय घटना के बाद खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना में लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी पुराना पुल उप-निरीक्षक (SI) अनुज शुक्ला और
बीट आरक्षी प्रकाशचंद्र यादव
दोनों पुलिसकर्मियों को अवैध पटाखा निर्माण की घटना रोकने में विफल रहने और पदीय दायित्वों में लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा घने आबादी वाले क्षेत्र में पटाखा का भंडारण और निर्माण कैसे हुआ, इस पूरे प्रकरण में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका, शिथिलता और अन्य बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप: "कई बार आई पुलिस, पैसे लेकर छोड़ा"
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच स्थानीय निवासियों ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
क्षेत्रीय निवासी अजय कुमार दुबे ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाते हुए कहा कि "रिहायशी और घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में पटाखे का यह अवैध कारोबार लंबे समय से बेधड़क चल रहा था। स्थानीय पुलिस को इसकी पूरी जानकारी थी। कई बार पुलिस मौके पर आई और सामान व लोगों को लेकर भी गई, लेकिन बाद में सांठगांठ और पैसे लेकर मामला रफा-दफा कर छोड़ दिया गया।"
