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Varanasi: एपेक्स हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से की मुलाकात

वाराणसी आगमन पर स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत; कैंसर, असाध्य रोगों और सुपर स्पेश्येलिटी इलाज के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहयोग बढ़ाने का किया अनुरोध।

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भदैनी मिरर स्वास्थ्य डेस्क, वाराणसी। वाराणसी और पूर्वांचल में इलाज कराने आने वाले बिहार के मरीजों को और अधिक सुलभ, आधुनिक व किफायती चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एपेक्स हॉस्पिटल, वाराणसी के निदेशक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. स्वरूप पटेल ने बिहार सरकार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के वाराणसी आगमन पर उनसे शिष्टाचार भेंट की और पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

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इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच वाराणसी में उपचार करा रहे बिहार के निवासियों और पूर्वांचल में निवास कर रहे बिहारवासियों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं को लेकर बेहद सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई।

कैंसर, क्रिटिकल केयर और सुपर स्पेश्येलिटी सेवाओं पर जोर

बैठक के दौरान डॉ. स्वरूप पटेल ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान पूर्वांचल और वाराणसी में बिहार से आने वाले मरीजों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कैंसर, असाध्य रोगों (Chronic Illnesses), क्रिटिकल केयर (Critical Care) तथा अन्य सुपर स्पेश्येलिटी सेवाओं को मरीजों तक सुलभ और नवीनतम तकनीकों के साथ पहुंचाने पर विस्तार से बात की।

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता से आर्थिक सहयोग की अपील

बिहार के जरूरतमंद और गरीब मरीजों को उन्नत इलाज का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के मिल सके, इसके लिए डॉ. स्वरूप पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री से विशेष अनुरोध किया। उन्होंने मांग की कि बिहार के मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष (Chief Minister Medical Assistance Fund) के अंतर्गत मरीजों को दी जाने वाली आर्थिक मदद का दायरा और राशि बढ़ाई जाए, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सके।

"हर जरूरतमंद तक पहुंचे बेहतर इलाज" – डॉ. स्वरूप पटेल

मुलाकात के बाद एपेक्स हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल ने अपना विचार साझा करते हुए कहा:

"हमारा निरंतर यही प्रयास है कि हर जरूरतमंद मरीज—चाहे वह किसी भी राज्य का निवासी हो—उस तक विश्वस्तरीय और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे। जब समाज का हर व्यक्ति स्वस्थ होगा, तभी एक स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।"

इस बैठक को वाराणसी और बिहार के बीच स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर समन्वय और जरूरतमंद मरीजों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।