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वाराणसी: शंकराचार्य को धमकी मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर फूटा गुस्सा, सनातनी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

भेलूपुर पुलिस की 'सुस्त' चाल पर भड़के सनातनी, श्रीविद्या मठ में आपात बैठक कर प्रशासन को घेरा

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वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्म ध्वजा के रक्षक और ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी के बाद काशी का माहौल गरमा गया है। रविवार, 12 अप्रैल को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्या मठ में आयोजित एक उच्च-स्तरीय आपातकालीन बैठक में वाराणसी पुलिस, विशेषकर भेलूपुर थाने की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। विद्वानों और विधि विशेषज्ञों ने पुलिस की भूमिका को 'संदिग्ध' और 'संवेदनहीन' करार दिया है।

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प्रशासन की मंशा पर सुलगते 3 बड़े सवाल

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन से सीधी पूछताछ करते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे:

  1. FIR में 48 घंटे का विलंब क्यों?: संज्ञेय अपराध की सूचना के बाद भी मुकदमा दर्ज करने में दो दिन का समय क्यों बर्बाद किया गया? क्या यह आरोपी को भागने का मौका देने की कोशिश थी?

  2. कमजोर धाराओं का खेल: डिजिटल धमकी के बावजूद IT Act की धाराएं न जोड़ना और धाराओं को 'हल्का' रखना क्या रसूखदार आरोपियों को लाभ पहुँचाने का षड्यंत्र है?

  3. गिरफ्तारी में विफलता: पुलिस की नाक के नीचे से आरोपी का अब तक फरार होना वाराणसी पुलिस की कार्यकुशलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है।

अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा

वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बनारस बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने कहा कि पुलिस द्वारा कानूनी तथ्यों को दबाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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शंकराचार्य जी के लिए 'जेड प्लस' सुरक्षा की मांग

शंकराचार्य जी के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने केंद्र सरकार से मांग की कि महाराज जी को अविलंब जेड प्लस (Z+) सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब "अनुपयोगी स्वयंभू संस्थाओं" के प्रमुखों को सुरक्षा दी जा सकती है, तो 100 करोड़ सनातनियों की आस्था के केंद्र शंकराचार्य जी को सुरक्षा देने में देरी क्यों? यदि कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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सड़कों पर उतरने की चेतावनी

विद्वानों ने एक स्वर में कहा कि यदि शीघ्र ही FIR में कठोर धाराओं का समावेश और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो समस्त हिंदू समाज सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: साध्वी पूर्णाम्बा जी, साध्वी शारदाम्बा जी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद जी, प्रभु नारायण (पूर्व अध्यक्ष, सेंट्रल बार), विनोद शुक्ल (अध्यक्ष, बनारस बार), कमलेश यादव, यतींद्र चतुर्वेदी, सावित्री देवी समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक।

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