वाराणसी: जॉर्जिया में MBBS दाखिले के नाम पर ठगी का आरोप, कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार; निष्पक्ष जांच की मांग
सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने पुलिस कमिश्नर को सौंपे साक्ष्य, मानहानि के मुकदमे की दी चेतावनी
वाराणसी। धर्म और शिक्षा की नगरी काशी में मेडिकल एडमिशन को लेकर दर्ज कराए गए एक सनसनीखेज मुकदमे (क्राइम नंबर 210/2026) में नया मोड़ आ गया है। जहाँ एक तरफ भेलूपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 'आर एम ग्रुप ऑफ एजुकेशन' (HRM Group of Education) पर 11 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर कंपनी ने सामने आकर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।


क्या है पूरा मामला?
दुर्गाकुंड निवासी प्रेमलता कुमारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके बेटे शिवम कुमार का जॉर्जिया में एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर एक गिरोह ने उनसे करीब 10.85 लाख रुपये की वसूली की। पीड़िता का आरोप है कि उन्हें फर्जी एडमिशन लेटर दिए गए और जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो उनसे 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

कंपनी का पलटवार: 'आरोप निराधार और भ्रामक'
इस मामले में सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष और HRM ग्रुप ऑफ एजुकेशन के लीगल एडवाइजर विवेक शंकर तिवारी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने प्रेस को बताया कि कंपनी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
तिवारी के मुख्य तर्क:
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पैसा सीधे यूनिवर्सिटी को गया: लीगल एडवाइजर के अनुसार, छात्रा की माता ने केवल 25,000 रुपये कंसल्टेशन फीस के रूप में कंपनी को दिए। बाकी 8,000 अमेरिकी डॉलर सीधे जॉर्जिया स्थित 'तिब्लिसी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी' के खाते में जमा कराए गए।
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एडमिशन हुआ, वीजा रिजेक्ट हुआ: कंपनी का दावा है कि छात्र का एडमिशन हो गया था और कॉलेज से ईमेल भी आया था। लेकिन, आवास सत्यापन (Accommodation Verification) न होने के कारण जॉर्जिया एंबेसी ने वीजा रिजेक्ट कर दिया। वीजा देना देश की नीति का हिस्सा है, इसमें कंपनी की कोई भूमिका नहीं है।
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गलत आरोपियों के नाम: तिवारी ने आरोप लगाया कि एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, वे कंपनी के कर्मचारी तक नहीं हैं।
"कंपनी की साख को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। हमने पुलिस कमिश्नर वाराणसी को सभी दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध करा दिए हैं ताकि 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो सके। हम पीड़िता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी करेंगे।" - विवेक शंकर तिवारी, लीगल एडवाइजर
पुलिस की जांच जारी
भेलूपुर पुलिस ने इस मामले में धारा 420 (जालसाजी) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। नोएडा स्थित कार्यालय और ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

