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वाराणसी: लक्सा में पुश्तैनी मकान पर कब्जे के प्रयास का आरोप; भाजपा पार्षद सिंधू सोनकर समेत 50 पर गंभीर आरोप, पीएम से शिकायत

रामकुंड की बेशकीमती संपत्ति पर कोर्ट के आदेश के बावजूद बलपूर्वक कब्जे की कोशिश, क्षेत्र में तनाव।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से भूमाफियाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधि की मिलीभगत से पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे के प्रयास का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। लक्सा थाना क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी अरविंद कुमार सिंह ने अपनी पुश्तैनी जमीन और मकान पर बलपूर्वक कब्जा करने, जान से मारने की धमकी देने और न्यायालय के आदेश की अवमानना करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में शिकायत पत्र भेजकर सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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1927 से नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज है नाम

पीड़ित अरविंद कुमार सिंह (पुत्र स्व. रामेश्वर प्रसाद सिंह) के अनुसार, लक्सा थानांतर्गत रामकुंड स्थित भवन संख्या डी-54/157 की मलकियत वर्ष 1927 से उनके पूर्वजों के नाम नगर निगम के असेसमेंट रजिस्टर में दर्ज चली आ रही है। वर्तमान समय में इस संपत्ति पर उनके वारिसान (नीरज सिंह, अनुपम सिंह, अरविंद सिंह आदि) का वैधानिक कब्जा दखल है। इस संपत्ति को लेकर सक्षम न्यायालय का फैसला भी 9 सितंबर 2022 को पीड़ित परिवार के पक्ष में आ चुका है, जो आज भी प्रभावी है।

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भाजपा पार्षद की अगुवाई में पहुंचे 40-50 लोग, दी जान से मारने की धमकी

अरविंद कुमार सिंह का आरोप है कि बीते 17 मई 2026 को सुबह करीब 10 बजे विशम्भर चौरसिया, विजय वर्मा, अंगद यादव, बलराम यादव सहित 15-20 अज्ञात लोग स्थानीय भाजपा पार्षद सिंधू सोनकर के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत उनके मकान पर पहुंचे। इन लोगों ने भय और आतंक का माहौल पैदा करते हुए संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। परिवार द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

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पीड़ित ने बताया कि इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। इसके बाद 19 मई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे पार्षद सिंधू सोनकर की अगुवाई में पुनः 40 से 50 लोग उनके घर के प्रांगण में घुस आए और खून-खराबा करने पर आमादा हो गए।

तांत्रिक क्रियाकलाप और पर्यटकों को भ्रमित करने का आरोप

शिकायती पत्र में पीड़ित ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी विशम्भर चौरसिया और उनके साथी इस संपत्ति पर विधि-विरुद्ध तरीके से तांत्रिक क्रियाकलाप करते रहे हैं। वे काशी आने वाले पर्यटकों को गुमराह और भ्रमित कर उनसे आर्थिक लाभ कमाते थे। अब प्रार्थी के आ जाने से उनका यह अवैध धंधा बंद हो गया है, इसी रंजिश में वे पूरी संपत्ति को विवादित बनाकर हड़पना चाहते हैं। पीड़ित के अनुसार, इस पूरी घटना के वीडियो और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज उनके पास मौजूद हैं।

"बीजेपी और पीएम मोदी की छवि धूमिल करने की कोशिश"

अरविंद कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं और पार्षद द्वारा इस तरह माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर निरीह जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे राष्ट्रीय स्तर की पार्टी भारतीय जनता पार्टी और स्वयं प्रधानमंत्री की छवि काशी में धूमिल हो रही है। पीड़ित ने लक्सा थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।