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वाराणसी: लाट भैरव विवाहोत्सव में डांसरो का वीडियो बनाते पुलिसकर्मियों का वायरल वीडियो निकला AI जनरेटेड, FIR दर्ज

DCP काशी जोन गौरव वंशवाल ने किया खुलासा; चौकी प्रभारी की तहरीर पर बीएनएस की धारा 353(2) और 356 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा

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वाराणसी (भदैनी मिरर)।  काशी में बाबा लाट भैरव के पारंपरिक तिलकोत्सव और विवाहोत्सव कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक मंच पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर डीसीपी काशी जोन ने एआई जनरेटेड (AI Generated) बताया। डीसीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से फैलाए जा रहे इस भ्रामक वीडियो पर कमिश्नरेट पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। चौकी प्रभारी की तहरीर पर आदमपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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क्या था वायरल वीडियो में?

सोशल मीडिया पर बीते दो दिनों से एक वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा था, जिसमें एक सांस्कृतिक मंच पर महिला कलाकारों के नृत्य के दौरान भारी संख्या में पुलिसकर्मी मंच पर खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बनाते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो के वायरल होते ही तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

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DCP काशी जोन गौरव वंशवाल ने खोली पोल


इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल ने बताया कि बाबा लाट भैरव की विश्व प्रसिद्ध बारात और विवाहोत्सव के दौरान आयोजित कार्यक्रम का जो वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, वह पूरी तरह डीपफेक/एआई तकनीक से तैयार किया गया है।
डीसीपी ने स्पष्ट किया कि मंच पर ऐसा कोई पुलिस बल मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा, "कार्यक्रम के दौरान नीचे मौजूद आम जनता द्वारा बनाए गए वास्तविक वीडियो को ज़ूम करके देखने पर साफ होता है कि मंच पर केवल महिला कलाकार ही थीं, वहां कोई पुलिसकर्मी उपस्थित नहीं था। यूपी पुलिस की छवि को खराब करने की नीयत से यह दुष्प्रचार किया गया है। मामले में आदमपुर थाने में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।"

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चौकी प्रभारी की तहरीर पर BNS की धाराओं में FIR


लाट भैरव चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बलिराम यादव की ओर से आदमपुर थाना प्रभारी को दी गई तहरीर के अनुसार, 23 सितंबर से 27 सितंबर तक बाबा लाट भैरव का तिलकोत्सव एवं विवाहोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इस दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मुस्तैद तैनाती की गई थी।
तहरीर में बताया गया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम/आर्केस्ट्रा के दौरान जब कलाकार नृत्य कर रही थीं, उस समय किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर पुलिसकर्मियों की तस्वीरें जोड़कर भ्रामक वीडियो तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। अन्य दर्शकों द्वारा बनाए गए मूल वीडियो में मंच पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिख रहा है।
पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने के इस कृत्य पर थाना आदमपुर में अज्ञात के विरुद्ध BNS की धारा 353(2) (सार्वजनिक उपद्रव या दुर्भावना फैलाने के उद्देश्य से भ्रामक सूचना प्रसारित करना) और धारा 356 (मानहानि) के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से वीडियो अपलोड करने वाले प्राथमिक स्रोतों की पहचान की जा रही है।