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वाराणसी: 'अमित' बनकर  आफताब अंसारी ने निकाह और दुष्कर्म किया, हिंदू युवती संग अत्याचार 

पहचान छिपाकर मंदिर में की शादी, धर्म परिवर्तन का दबाव और बंधक बनाकर दुष्कर्म

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भदैनी मिरर, वाराणसी। वाराणसी के कोतवाली थाने में शुक्रवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोपों में हिरासत में लिया गया आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी आफताब अंसारी उर्फ अमित कुमार ने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर एक युवती को प्रेम जाल में फंसाया और मंदिर में शादी रचाई थी। 

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धोखाधड़ी और प्रताड़ना की खौफनाक दास्तां

कतुआपुरा निवासी पीड़िता, जो कैटरिंग में वेटर का काम करती है, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि हरहुआ (रसूलपुर) निवासी आफताब अंसारी ने उसे अपना नाम 'अमित कुमार' बताया था। खुद को हिंदू बताकर उसने युवती का भरोसा जीता और चौकाघाट स्थित काली मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद आरोपी उसे लहरतारा में किराये के कमरे में रखकर शारीरिक शोषण करता रहा। 

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सच्चाई तब सामने आई जब आरोपी उसे अपने गांव रसूलपुर ले गया। वहां युवती को पता चला कि वह हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है। विरोध करने पर आफताब, उसके पिता नवी रसूल, मां गंगाजली और भाई मिट्ठू अंसारी ने उसे एक महीने तक बंधक बनाए रखा और धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता का आरोप है कि आफताब के भाई मिट्ठू ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।

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मानव तस्करी गिरोह से जुड़े होने का शक

पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आफताब और उसका भाई गरीब लड़कियों को फंसाकर उनकी खरीद-फरोख्त (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) करते हैं। उसे भी मुंबई भेजकर बेचने की साजिश रची जा रही थी, लेकिन वह किसी तरह वहां से भाग निकली। आरोपी आफताब पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।

पुलिस अभिरक्षा से ऐसे भागा आरोपी

डीसीपी काशी जोन, गौरव बंसवाल के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे हिरासत में लिया था। शाम करीब 7 बजे जब पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, तभी आरोपी अपने वकीलों की मौजूदगी के बीच मौका पाकर थाने से भाग निकला। 

इस मामले में पुलिस ने आफताब अंसारी, उसके माता-पिता और भाई के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। डीसीपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।