Varanasi : स्वरा भास्कर के 'जौहर' बयान पर भड़के अधिवक्ता
'पद्मावत' फिल्म के जौहर दृश्य पर टिप्पणी का मामला; अधिवक्ताओं ने पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, दी जन आंदोलन और कोर्ट जाने की चेतावनी
भदैनी मिरर (वाराणसी/लीगल डेस्क): फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा ऐतिहासिक 'जौहर' प्रथा पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वाराणसी में अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी और अनुपम सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) से मुलाकात कर स्वरा भास्कर के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर पत्र सौंपा है।

'माफी नहीं, कानून के तहत हो सख्त कानूनी कार्रवाई'
अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'जौहर' करने वाली रानियों और वीरांगनाओं को पूरा देश देवी स्वरूप में पूजता है। स्वरा भास्कर द्वारा दिए गए बयान से सनातन धर्मावलंबियों और करोड़ों लोगों की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है।

सोशल मीडिया पर स्वरा भास्कर द्वारा मांगी गई सफाई और माफी पर अधिवक्ता ने दोटूक कहा, "माफी मांगना किसी अपराध का समाधान नहीं है। अपराध का निर्धारण पुलिस और न्यायालय करेगा, न कि खुद आरोपी। पहले पुलिस उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे, जिसके बाद ही उचित कानूनी फोरम पर आगे का फैसला हो।"

मांगे पूरी न होने पर जन आंदोलन और कोर्ट का रुख करने की चेतावनी
अधिवक्ताओं का कहना है कि हमारी पौराणिक गाथाओं, ऐतिहासिक प्रतीकों और वीरांगनाओं के त्याग पर किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार आक्षेप लगाने या आपत्तिजनक टिप्पणी करने की छूट नहीं दी जा सकती।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा स्वरा भास्कर के खिलाफ त्वरित एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और जरूरत पड़ने पर बड़ा जन आंदोलन भी करेंगे।
