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Varanasi: तहसील सदर में भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं का हल्लाबोल; SDM पर तानाशाही और बदतमीजी का आरोप,

तहसील बार एसोसिएशन ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन; पिछले डेढ़ साल से मनमानी का आरोप, ठप रहा कामकाज, फरियादी परेशान।

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भदैनी मिरर: वाराणसी के तहसील सदर में व्यवस्थाओं और कथित प्रशासनिक मनमानी को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा है। तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ताओं ने शनिवार को तहसील परिसर में कड़ा विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। अधिवक्ताओं ने मुख्य रूप से तहसील सदर के उपजिलाधिकारी (SDM) पर तानाशाही रवैया अपनाने, वकीलों व फरियादियों से बदतमीजी करने और पिछले डेढ़ वर्षों से तहसील में कथित भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस गतिरोध के कारण तहसील का न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।

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डेढ़ साल से व्याप्त है मनमानी, फरियादी हो रहे परेशान

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसील सदर में पिछले डेढ़ साल से स्थितियां बद से बदतर हो चुकी हैं। अधिकारियों की मनमानी और फाइलों को अटकाने के चलते दूर-दराज से आने वाले गरीब फरियादी न्याय के लिए रोज चक्कर काटने को मजबूर हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि नियमानुसार काम करने के बजाय यहां केवल चहेतों को तवज्जो दी जा रही है, जिससे न्याय व्यवस्था की छवि धूमिल हो रही है।

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एसडीएम के तत्काल स्थानांतरण (Transfer) की मांग

प्रदर्शनकारी वकीलों ने एक सुर में शासन-प्रशासन से मांग की है कि तहसील सदर के वर्तमान एसडीएम का तत्काल प्रभाव से यहां से स्थानांतरण (तबादला) किया जाए। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक दागी अधिकारियों को हटाया नहीं जाता और तहसील को भ्रष्टाचार मुक्त नहीं बनाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और कार्य बहिष्कार लगातार जारी रहेगा।

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कामकाज ठप होने से मची अफरा-तफरी

अधिवक्ताओं के इस अचानक शुरू हुए उग्र आंदोलन और धरने के कारण बैनामा, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र और विभिन्न राजस्व वादों की सुनवाई के लिए आए सैकड़ों लोगों को बिना काम के ही वापस लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि वे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और इस संबंध में जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा जा रहा है।