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वाराणसी: मिर्जामुराद में 80 फीट गहरे कुएं में गिरी अधेड़ महिला, दो घंटे चले सांसे थाम देने वाले रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाली गई

मिर्जामुराद: जहरीली गैस की आशंका के बीच पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात, 'दीया' जलाकर किया गया ऑक्सीजन की जांच

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हादसा
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वाराणसी भदैनी मिरर। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घर के बाहर काम कर रही एक बुजुर्ग महिला अचानक अनियंत्रित होकर 80 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। चीख-पुकार सुनकर जुटे ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता से महिला को करीब दो घंटे के कड़े संघर्ष के बाद मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया।

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काम के दौरान बिगड़ा संतुलन

 

जानकारी के मुताबिक, मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी बालेश्वरी देवी (58), पत्नी छेदी बनवासी, सोमवार रात अपने घर के आंगन और बाहर के हिस्से में घरेलू कामकाज निपटा रही थीं। अंधेरा होने और पैर फिसलने के कारण वह घर के समीप ही स्थित लगभग 80 फीट गहरे प्राचीन कुएं में जा गिरीं। महिला के कुएं में गिरते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए।

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पुलिस और फायर ब्रिगेड की सूझबूझ

घटना के तुरंत बाद बालेश्वरी के पति छेदी बनवासी ने मिर्जामुराद पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी तत्काल पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने से पहले टीम ने तकनीकी सावधानी बरती:

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गैस परीक्षण: कुआं काफी गहरा और पुराना था, इसलिए दम घुटने के खतरे को भांपते हुए टीम ने पहले एक बाल्टी में जलता हुआ दीया नीचे भेजा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कुएं के भीतर कोई जहरीली गैस तो नहीं है। स्थानीय साहस: जब यह पुख्ता हो गया कि नीचे ऑक्सीजन की कमी नहीं है, तब स्थानीय निवासी श्रीलोचन ने साहस दिखाया। उन्हें रस्सी के सहारे कुएं के अंधेरे तल में उतारा गया।

दो घंटे चला 'जिंदगी और मौत' का संघर्ष

कुएं में पानी न होने के कारण महिला सीधे तल पर जा गिरी थी, जिससे उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। अंधेरा और गहराई होने के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन पुलिस और ग्रामीणों के आपसी तालमेल से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद बालेश्वरी देवी को सुरक्षित ऊपर खींच लिया गया।

ट्रॉमा सेंटर में उपचार जारी

कुएं से बाहर निकालते ही महिला को पुलिस ने पहले से तैयार खड़ी एंबुलेंस के जरिए तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रवाना किया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला के सिर में गहरा घाव है और पैर में फ्रैक्चर की आशंका है, हालांकि उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और साहसी युवक श्रीलोचन की भूरि-भूरि प्रशंसा की है, जिनकी त्वरित सक्रियता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

Mirzamurad