वाराणसी: खेत की फेंसिंग में उतरे करंट से किसान की दर्दनाक मौत, अवैध कनेक्शन पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश
मिर्जामुराद में बड़ा हादसा: सब्जी के खेत में पानी दे रहे किसान की करंट लगने से मौत, परिवार में मचा कोहराम
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के चक्रपानपुर (बरमपर) गांव में गुरुवार की रात खेत में पानी भर रहे एक 40 वर्षीय किसान की करंट लगने से मौत हो गई। आरोप है कि जानवरों को भगाने के लिए पास के खेत में अवैध रूप से लोहे की फेंसिंग में डायरेक्ट बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था, जिसकी चपेट में आने से यह हादसा हुआ।

जानकारी के अनुसार चक्रपानपुर (बरमपर) निवासी बबलू बिंद (उम्र 40 वर्ष) गुरुवार रात अपने सब्जी के खेत में पानी भर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे बगल के खेत में लगी लोहे की फेंसिंग के संपर्क में आ गए। आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने जानवरों को भगाने के लिए अपनी लोहे की फेंसिंग में डायरेक्ट बिजली का कनेक्शन दे रखा था। करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बबलू फेंसिंग से ही चिपक कर रह गए। जब काफी देर तक बबलू घर नहीं लौटे, तो परिजन उनकी तलाश करते हुए खेत की तरफ पहुंचे। वहां उन्होंने बबलू को फेंसिंग से सटे हुए बेहोश हालत में देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली कटवाई और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि फेंसिंग में अवैध रूप से डायरेक्ट लाइन दौड़ाने के कारण यह हादसा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले भी इसी फेंसिंग की चपेट में आने से गांव के एक अन्य किसान को करंट लगा था, हालांकि तब वह बाल-बाल बच गए थे। इस बात की शिकायत भी की गई थी, लेकिन आरोपी ने लापरवाही बरती, जिसके परिणामस्वरूप आज एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।
घटना की सूचना मिलते ही मिर्जामुराद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। मृतक बबलू बिंद खेती-किसानी करके ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। इस अचानक हुई दर्दनाक मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
