वाराणसी: रात में सफर करने वालों को बड़ी राहत, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के बीच 24x7 पुलिस सहायता केंद्र शुरू
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने किया उद्घाटन; सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, अपग्रेड होंगे शहर के 'पिंक बूथ'
वाराणसी: धर्मनगरी काशी में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए वाराणसी पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। रात के समय सफर करने वाले मुसाफिरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे के बीच एक नए अत्याधुनिक 'पुलिस सहायता केंद्र' (Police Help Desk) की शुरुआत की गई है। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर (CP) मोहित अग्रवाल ने इस केंद्र का फीता काटकर आधिकारिक उद्घाटन किया।


रणनीतिक जगह पर बना बूथ, हजारों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
यह नया पुलिस सहायता केंद्र शहर के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर बनाया गया है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे का मध्य मार्ग होने के कारण इस रूट से रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और आम यात्री गुजरते हैं। देर रात या तड़के ट्रेन और बस से उतरने वाले यात्रियों को अब सुरक्षा के लिहाज से किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इस नए पुलिस सहायता केंद्र की मुख्य विशेषताएं:
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24/7 मुस्तैदी: यह सहायता केंद्र दिन-रात यानी 24 घंटे पूरी तरह सक्रिय रहेगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति या अनहोनी पर यहां तैनात पुलिसकर्मी तत्काल रिस्पॉन्स करेंगे।
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सीसीटीवी और पेट्रोलिंग से अभेद्य सुरक्षा: केंद्र के आसपास के पूरे इलाके को सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही इस पूरे रूट पर पुलिस की पैदल और वाहन पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी।
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असामाजिक तत्वों पर कड़ा प्रहार: उद्घाटन के दौरान मीडिया से बात करते हुए CP मोहित अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि यात्रियों के साथ बदसलूकी, ओवरचार्जिंग या किसी भी प्रकार की अनैतिक व असामाजिक गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पिंक बूथ' भी होंगे अपग्रेड
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने एक और बड़ा अपडेट देते हुए बताया कि वाराणसी कमिश्नरेट में महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए पहले से संचालित सभी 'पिंक बूथों' का कायाकल्प (अपग्रेडेशन) किया जा रहा है। इन बूथों को पूरी तरह से फंक्शनल और साधन-संपन्न बनाया जा रहा है ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके।

