महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लें अधिकारी, वाराणसी में बोलीं महिला आयोग सदस्य
सर्किट हाउस में 21 मामलों की सुनवाई; घरेलू हिंसा, जमीन विवाद और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े प्रकरण प्रमुख
वाराणसी,भदैनी मिरर। Varanasi में महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर सोमवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। यह कार्यक्रम सर्किट हाउस सभागार में Uttar Pradesh State Women's Commission की सदस्य Geeta Vishwakarma की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
जनसुनवाई के दौरान कुल 21 प्रकरण सामने आए, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, जमीन विवाद और बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े थे। आयोग की सदस्य ने संबंधित विभागों को प्रार्थना पत्र उपलब्ध कराते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं की शिकायतों का संज्ञान लेकर उनका नियमानुसार और शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


छोटे मामलों का मौके पर समाधान करने के निर्देश
इस अवसर पर गीता विश्वकर्मा ने अधिकारियों से कहा कि छोटे-छोटे मामलों की गंभीरता से जांच कर उनका समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को न्याय पाने के लिए अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और नियमसम्मत निस्तारण किया जाए। संवेदनशील मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

महिला बंदी सेल का भी किया निरीक्षण
जनसुनवाई के बाद आयोग की सदस्य ने जिला कारागार पहुंचकर महिला बंदी सेल का निरीक्षण किया और वहां महिला कैदियों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
इसके बाद उन्होंने जिला चिकित्सालय स्थित वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया। यहां हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को मिलने वाली सहायता व्यवस्थाओं-जैसे आपातकालीन बचाव, चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी मदद और अस्थायी आश्रय की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ये अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई के दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध), जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के प्रतिनिधि, जिला समाज कल्याण अधिकारी के प्रतिनिधि, जिला पंचायत राज अधिकारी के प्रतिनिधि, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियर, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई और वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी सहित कई विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
