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UP College Murder Case: सूर्या सिंह हत्याकांड के आरोपी मंजीत चौहान की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने माना गंभीर अपराध

अधिवक्ताओं ने जमानत का किया जोरदार विरोध, दिनदहाड़े क्लासरूम में मारी गई थी गोली

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वाराणसी,भदैनी मिरर। शहर के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (UP) कॉलेज में हुए बहुचर्चित सूर्या सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी मंजीत चौहान की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।

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वकीलों ने दी कड़ी दलील, जमानत का किया विरोध 

कोर्ट में जमानत याचिका का पुरजोर विरोध जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी ने किया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह न केवल एक होनहार छात्र की हत्या है, बल्कि शिक्षण संस्थान की गरिमा और सुरक्षा पर भी बड़ा हमला है। अदालत ने परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए मंजीत की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ 'ओवरकिल' का खुलासा

छात्र सूर्य प्रताप सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की भयावहता सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसा- हृदय के दाहिने वेंट्रिकल और दाहिने फेफड़े के फटने के कारण 'हेमरेज शॉक' (अत्यधिक रक्तस्राव) हुआ। यह मृत्यु फायरआर्म इंजरी (गोली लगने) के कारण हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसे 'Overkill' (जरूरत से ज्यादा बल का प्रयोग) का मामला बताया गया है, जो आरोपी की क्रूरता को दर्शाता है।

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क्या था पूरा मामला? 

वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र स्थित उदय प्रताप कॉलेज में 20 मार्च 2026 को दिल दहला देने वाली वारदात हुई थी। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह अपनी क्लास में बैठे थे, तभी आरोपी मंजीत चौहान क्लासरूम के गेट पर पहुँचा और बाहर बुलाकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

दिनदहाड़े हुई इस हत्या से कॉलेज परिसर में कोहराम मच गया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या को ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में जमकर तोड़फोड़ की थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई दिनों तक प्रदर्शन चला था।

इकलौते बेटे की मौत से बुझ गया घर का चिराग

मृतक सूर्य प्रताप सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता ऋषिदेव सिंह शिवपुर के संत अतुलानंद स्कूल में वाहन चालक हैं और माँ किरन सिंह उसी स्कूल में दाई का काम करती हैं। वह मूल रुप से परिवार गाजीपुर के दुबैथा गाँव का रहने वाला है।
परिवार पिछले कई वर्षों से गिलट बाजार में किराए के मकान में रहकर अपने बेटे को पढ़ा रहा था ताकि वह उनका सहारा बन सके। सूर्या की दो बहनें हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है।

अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, जो पिछले कई महीनों से अपने बेटे के इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।