UP Budget 2026: योगी सरकार ने बनारस–विंध्याचल धाम के लिए खोला खजाना, पर्यटन विकास को 200 करोड़ की सौगात
वाराणसी और विंध्यवासिनी धाम के लिए 100-100 करोड़ का प्रावधान, मेट्रो कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव
वाराणसी, भदैनी मिरर संवाददाता| उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक लाख करोड़ रुपये अधिक है।


इस ऐतिहासिक बजट में काशी और विंध्याचल धाम को विशेष प्राथमिकता दी गई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी धाम के लिए 100–100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इससे दोनों तीर्थ स्थलों पर विश्वस्तरीय पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य वाराणसी–मिर्जापुर क्षेत्र को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है। बजट प्रावधानों से सड़क संपर्क, यात्री सुविधाएं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटक अनुभव में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
इसके साथ ही बनारस, प्रयागराज और गोरखपुर में मेट्रो सेवाएं शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे पूर्वांचल के बड़े शहरों को आधुनिक शहरी परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट को ‘विकसित भारत के संकल्प’ और ‘विजन–2047’ की दिशा में निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017–18 में प्रदेश का बजट जहां लगभग 3.85 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर 9.13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी नौ वर्षों में बजट का आकार दोगुने से भी अधिक हो गया है।
सरकार का दावा है कि इस बजट से काशी के पर्यटन, रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, वहीं विंध्याचल धाम को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
