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UP BEd परीक्षा स्कैम: सॉल्वर के बाद असली अभ्यर्थी भी सलाखों के पीछे, प्रयागराज से गिरफ्तार

बनारस में बीएड परीक्षा फर्जीवाड़ा: सहेली ने कराया 'सौदा', बिहार की सॉल्वर के बाद मुख्य अभ्यर्थी श्रेया भी गिरफ्तार

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 में अपनी जगह दूसरी महिला को परीक्षा दिलाने के मामले में फरार चल रही मुख्य अभ्यर्थी श्रेया भारती को वाराणसी की कपसेठी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्ता को प्रयागराज के पूरादलेल अल्लापुर इलाके से धर दबोचा। इस मामले में परीक्षा दे रही 'स्कॉलर' महिला को पुलिस पहले ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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जानकारी के अनुसार, वाराणसी के सेवापुरी स्थित कालिकाधाम पीजी कॉलेज में उ0प्र0 संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 का आयोजन किया गया था। परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक प्रो० अनिकेश कुमार सिंह को एक महिला अभ्यर्थी पर संदेह हुआ। जांच करने पर पता चला कि असली अभ्यर्थी श्रेया भारती (पुत्री अनिल कुमार भारती, निवासी किदवईनगर, कानपुर) के स्थान पर तनिषा कुमारी (पुत्री राजेन्द्र सिंह, निवासी नवादा, बिहार) परीक्षा दे रही थी। तनिषा ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए कूटरचित (फर्जी) प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और संपादित (एडिटेड) फोटो का इस्तेमाल किया था। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर कपसेठी थाने में मुकदमा दर्ज कर 'स्कॉलर' तनिषा कुमारी को बीते 1 जून 2026 को ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था।

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जबकि मुख्य अभ्यर्थी श्रेया भारती की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी, जिसे 12 जुलाई 2026 को सफलता मिली। पुलिस पूछताछ में श्रेया भारती ने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है। बताइए कि "मैने अपनी सहेली प्रीति के जरिए रोशन नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया था। रोशन ने ही मेरी जगह किसी दूसरी महिला से परीक्षा दिलाने का भरोसा दिया था। इसके एवज में मैंने अपना आधार कार्ड, प्रवेश पत्र और तस्वीरें रोशन को दी थीं, जिनमें हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। रोशन ने ही तनिषा कुमारी को मेरी जगह परीक्षा देने वाराणसी भेजा था। मैं इस पूरी योजना में शामिल थी।"

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इस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कपसेठी थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 की धारा 7/13(3) और 8/13(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। नए परीक्षा कानून के तहत संलिप्त पाए जाने पर आरोपियों को भारी जुर्माने और कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना रोशन और सहेली प्रीति समेत अन्य संलिप्त लोगों की तलाश में जुट गई थी, इस फर्जीवाड़े को पकड़ने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही: उ0नि0 विकास कुमार, थानाध्यक्ष, कपसेठी, उ0नि0 मधुसूदन त्रिपाठी चौकी प्रभारी, कालिका बाजार, उ0नि0 रोहित दुबे, आरक्षी अभय कुमार गौड़, म0आर0 मीरा कुमारी एवं म0आर0 प्रीति गौतम शामिल रही।