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24वें दिन यूजीसी ने लिया संज्ञान, 25वें दिन प्रोफेसर संजय गुप्ता को मिली जिम्मेदारी

आईएमएस दफ्तर पर कर रहे थे शांति आंदोलन, बोले प्रोफेसर गुप्ता- सत्य की जीत हुई 

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Sanjay Gupta
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वाराणसी,भदैनी मिरर। बीएचयू में मनो रोग विभाग के प्रोफेसर संजय गुप्ता के 24 दिनों से चल रहे शांति आंदोलन को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने संज्ञान लिया है। यूजीसी की तरफ से रजिस्ट्रार को निर्देश जारी हुआ, जिसके बाद 25वें दिन शुक्रवार को उन्हें मेडिसिन विभाग का डीन बना दिया गया। उनके नए दायित्व की घोषणा असिस्टेंट रजिस्टार ए.के.शर्मा ने दी। उन्होंने अधिसूचना में तत्काल प्रभाव से अगले तीन साल के लिए आईएमएस के मेडिसिन विभाग का डीन बना दिया गया है। जिसके बाद उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई। 

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प्रोफेसर संजय गुप्ता ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष या किसी पद को लेकर नहीं था। बस मेरा प्रयास विश्वविद्यालय में नियमों के पालन को लेकर था। नियम के अनुसार जो भी काबिल हो उसे उसका पद और अधिकार मिलना चाहिए। इसके बाद आंदोलन में साथ देने वाले सभी का उन्होंने धन्यवाद दिया। 

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बता दें, यूजीसी ने कहा कि उनकी तरफ से पहले ही गाइडलाइन जारी की गई थी। बिना देर किए प्रो. संजय को डीन मेडिसिन की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। पत्र मिलते ही प्रो. संजय ने कार्यवाहक कुलपति प्रो. संजय कुमार और कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार से बात की और जल्द ही प्रकरण में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। यूजीसी ने 30 अप्रैल 2025 को पत्र जारी कर प्रोफेसर और वरिष्ठ प्रोफेसर के बीच अंतर स्पष्ट कर दिया है। यह भी कहा कि डीनशिप या हेडशिप जैसे मामलों को इसी नियम के आधार पर सुलझाया जा सकता है।

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