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Varanasi: सादे कपडे में पुलिस अफसरों ने लापरवाह नाविकों को किया चिन्हित 11 बोट सीज, 8 केस दर्ज

सादे कपड़ों में गंगा में उतरे अफसरों ने पकड़ी नाविकों की मनमानी; ओवरलोडिंग और बिना लाइफ जैकेट सवारी बैठाने पर कार्रवाई
 

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वाराणसी, भदैनी मिरर। Varanasi के तुलसीघाट के सामने गंगा में दो नावों की टक्कर के बाद पुलिस महकमा अलर्ट मोड में आ गया है। गुरुवार को जल पुलिस और घाटों से सटे थानों की टीमों ने गंगा में सुरक्षित नौकायन सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया।

84 घाटों पर औचक निरीक्षण

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के सभी 84 घाटों पर नाव, बोट और बजड़ों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई नाविकों की लापरवाही सामने आई। ओवरलोडिंग और बिना लाइफ जैकेट यात्रियों को बैठाने जैसे गंभीर मामलों में सख्त कार्रवाई की गई।

सादे कपड़ों में उतरे अफसर, नहीं लगी भनक

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गुरुवार को अधिकारी सादे कपड़ों में गंगा में नौकायन करते हुए निरीक्षण पर निकले। नाविकों को इसकी भनक तक नहीं लगी और उनकी मनमानी कैमरे में कैद होती रही। अफसर लगातार फोटो खींचते रहे और नियमों का उल्लंघन करने वालों को मौके पर ही चिन्हित किया गया।

8 केस दर्ज, 11 बोट सीज

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एसीपी दशाश्वमेध डॉक्टर अतुल अंजान त्रिपाठी (Dr. Atul Anjan Tripathi) ने बताया कि ओवरलोडिंग और बिना लाइफ जैकेट सवारी बैठाने के आरोप में दशाश्वमेध, भेलूपुर और आदमपुर थाने की पुलिस ने कुल 8 मुकदमे दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई में 11 बोट को सीज किया गया है।
दशाश्वमेध पुलिस ने आदमपुर के सक्का घाट निवासी महेश कुमार, चितईपुर के तारापुर-टिकरी निवासी सूरज साहनी और भारद्वाजी टोला निवासी टिंकू साहनी पर केस दर्ज किया।

भेलूपुर पुलिस ने शिवाला निवासी अतुल साहनी, राजमंदिर निवासी संतोष कुमार निषाद, सक्का घाट निवासी पवन साहनी समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं आदमपुर पुलिस ने सारनाथ निवासी प्रभु निषाद पर मुकदमा दर्ज किया है।

पर्यटकों से भी की गई बातचीत

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार (Gaurav Kumar) ने गंगा में नौकायन कर रहे पर्यटकों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी यात्री की जान-माल की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब प्रतिदिन गंगा में बोट से गश्त की जाएगी और औचक निरीक्षण जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।