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बिग ब्रेकिंग -खेल-खेल में जहरीले बीज को फल समझ खा गई बच्चियां, तीन की मौत, परिवार में मचा कोहराम

मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में हुई घटना से परिवारों में मचा कोहराम

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सूचना पर गांव पहुंचे पुलिस अधिकारी, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

मिर्जामुराद, भदैनी मिरर। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में रविवार को कनैल पुष्प का बीज खाने से दो सगी बहन समेत तीन बच्चियों की मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया।

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जानकारी के अनुसार हर्षिता (6) अपनी बहन अंशिका (3) पुत्री मिथलेश प्रजापति व पड़ोस की नैंसी (4) पुत्री मनीष प्रजापति के साथ तीनों बच्चिया गांव में अपने घर से थोड़ी दूरी पर खेल रही थीं। इस दौरान वह खेलते-खेलते कनैल के पौधे के पास पहुंची गईं। इसी दौरान कनैल में लगे बीज को वह फल समझ कर खा गईं। जब पेट में दर्द हुई तो बच्चियां अपने घर चली गईं। देखते ही देखते रविवार को हर्षिता की तबियत अचानक से खराब हो गई। आनन-फानन में हर्षिता को परिजन गंभीर अवस्था में निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इस मौत से परिजन रोने बिलखने लगे। सोमवार की सुबह परिजनों को कुछ समझ आता मृतिका हर्षिता की छोटी बहन अंशिका की भी तबियत बिगड़ गई और उसको भी परिजन ले कर अस्पताल भागे।

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डॉक्टरों ने उसको भी दोपहर तक मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार की दो बहनों की इस  मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इधर लोग उनकी दाह संस्कार के बारे में तैयारी कर ही रहे थे कि पड़ोस की बच्ची नैंसी की भी BHU ट्रमा सेंटर में मौत हो गई। दो दिनों में बारी-बारी से तीन बच्चियों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं सोमवार को ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची मिर्जामुराद पुलिस ने एक बच्ची नैन्सी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि दो सगी बहनों का परिवारवालों ने पुलिस को बगैर सूचना दिये अंतिम संस्कार कर दिया। थोड़ी देर में वहां एडीसीपी वैभव बांगर पहुंचे। पुलिस परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद मामले की जांच कर रही है। 

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वही हर्षिता और अंशिका के परिजन बिना बताए ही दोनों सगी बहन का दाह संस्कार कर दिया। वही सोमवार की शाम परिजन ने जिस जगह से बच्चियां यह जहरीला बीज खाया था उस पेड़ को उखाड़ फेंक दिया। मृतक हर्षिता और अंशिका के मौत के बाद इकलौता भाई केवल हर्ष बचा जिसको लेकर पारिवारिक जनो में कोहराम मचा हुआ है इनके पिता बुनकर का कम कर घर का भरण पोषण करते थे। वही मृतक बच्ची नैंसी दो बहन में दूसरे नंबर है और दो माह का एक भाई बताया गया इनके पिता बंगलौर में ऑटो चालक है। जानकारी प्राप्त होने ही पिता फ्लाइट से फौरन घर आए वहीं इस दुखद घटना से मां अंजली सहित अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। इस घटना से बस्ती के लोगों में सशंकित होते हुए अन्य बच्चों की जांच की मांग पर स्वास्थ्य विभाग को टीम पहुंच जांच में जुट गई।

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 मृतकों की पृष्ठभूमि

 

 

मृतक हर्षिता और अंशिका के मौत के बाद इकलौता भाई केवल हर्ष बचा है। जिसको लेकर पारिवारिकजनों में कोहराम मचा हुआ है। इनके पिता बुनकर का कम कर घर का भरण पोषण करते थे। वही मृतक बच्ची नैंसी दो बहन में दूसरे नंबर है और दो माह का एक भाई बताया गया इनके पिता बंगलौर में ऑटो चालक है। जानकारी प्राप्त होने ही पिता फ्लाइट से फौरन घर आएं, वहीं इस दुखद घटना से मां अंजली सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। इस घटना से बस्ती के लोगों में सशंकित होते हुए अन्य बच्चों की जांच की मांग पर स्वास्थ्य विभाग को टीम पहुंच जांच में जुट गई।

 


रिपोर्टर-दीपक गुप्ता

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