"सनातन को मिटाने वाले खुद मिट्टी में मिल गए", काशी में बोले सीएम योगी- सोमनाथ और विश्वनाथ धाम भारत के अजेय स्वाभिमान के प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आक्रांताओं पर साधा निशाना, कहा- विनाश क्षणिक होता है लेकिन सृजन शाश्वत; भारत की आत्मा को कोई तोड़ नहीं पाया।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क):
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी की पावन धरा से सनातन संस्कृति की अदम्य शक्ति का उद्घोष किया है। एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा ने हमेशा जोड़ने की बात की है, हमारी आस्था हमें घृणा की ओर नहीं बल्कि करुणा, सह-अस्तित्व और संवाद की ओर ले जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने दुनिया को दूसरों को हराना नहीं, बल्कि दिलों को जीतकर जीना सिखाया है।


सोमनाथ और काशी: भारत के गौरव की गाथा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र करते हुए कहा कि ये दोनों स्थल भारत के इतिहास और सनातन संस्कृति की अदम्य शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, "सनातन संस्कृति पर आक्रमण तो हो सकते हैं, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। विनाश क्षणिक होता है, जबकि सृजन शाश्वत होता है।"

उन्होंने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि महमूद गजनवी ने 17 बार सोमनाथ पर आक्रमण किया और औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का ढांचा खड़ा किया, लेकिन वे भारत की चेतना को नहीं दबा पाए। आज उन आक्रांताओं का नाम लेने वाला कोई नहीं है, जबकि हमारे मंदिर पूरी भव्यता के साथ दुनिया को राह दिखा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण'
पीएम नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना को साकार होते देख रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे वह सोमनाथ मंदिर का सुंदरीकरण हो, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हो, महाकाल लोक की स्थापना हो या अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण—ये सभी स्थल अपने गौरव के साथ विकास की नई यात्रा पर अग्रसर हैं।
विरोधियों पर तीखा प्रहार
सीएम योगी ने उन शक्तियों पर भी निशाना साधा जो भारत के आत्म-गौरव के इन प्रतीकों के खिलाफ रही हैं। उन्होंने कहा, "वही लोग जो सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा में बाधक थे, उन्होंने ही श्रीराम मंदिर के समाधान में भी बार-बार रोड़े अटकाए। उनके पास भारत के आत्म-गौरव को पुनर्स्थापित करने की सोच का अभाव था।"
दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, मंत्री रविन्द्र जायसवाल, मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु', मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक कुमार तिवारी सहित तमाम विधायक, एमएलसी और प्रशासनिक अधिकारी जैसे मंडलायुक्त एस. राजलिंगम व जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार उपस्थित रहे।
