बनारस के घाटों के बंद होने की खबर पूरी तरह अफवाह, 24 घंटे खुले रहेंगे घाट: डीसीपी गौरव बंशवाल ने भ्रामक खबरों का किया खंडन
भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा, सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों पर पुलिस सख्त
वाराणसी: सोशल मीडिया पर वाराणसी (बनारस) के घाटों को लेकर चल रही एक भ्रामक खबर का वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने कड़ा संज्ञान लिया है। कई चैनलों और प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि प्रशासनिक और पुलिस कारणों से बनारस के घाटों को रात 10:00 बजे से सुबह 04:00 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है। काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) श्री गौरव बंशवाल ने इस खबर को पूरी तरह से गलत और निराधार बताते हुए इसका खंडन किया है।


"24 घंटे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं काशी के घाट"
डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ किया:
"कई सोशल मीडिया चैनलों पर यह भ्रामक खबर चलाई जा रही है कि जो बनारस के घाट हैं, वह रात्रि 10:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक बंद कर दिए गए हैं प्रशासनिक और पुलिस कारणों से। यह सूचना पूरी तरह से गलत है। इसका पूर्ण रूप से खंडन किया जाता है। बनारस के घाट 24 घंटे पर्यटकों के लिए, श्रद्धालुओं के लिए और बनारस वासियों के लिए खुले रहते हैं।"
सुरक्षा के लिए 24 घंटे मुस्तैद है पुलिस
उन्होंने आगे बताया कि घाटों पर समय की कोई पाबंदी नहीं है, बल्कि वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस रात-दिन सक्रिय रहती है। सभी घाटों पर पुलिस की सतत गश्त (फुट पेट्रोलिंग) की जाती है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल मिल सके। पुलिस की इस सक्रियता का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, न कि घाटों पर आवागमन को रोकना।

अफवाह फैलाने वालों पर दर्ज होगी FIR
डीसीपी गौरव बंशवाल ने सोशल मीडिया चैनलों और भ्रामक खबरें प्रसारित करने वाले तत्वों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि काशी के घाटों को लेकर यदि भविष्य में भी कोई ऐसी फर्जी या भ्रामक सूचना फैलाएगा, तो पुलिस उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग (FIR) पंजीकृत कर कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी।

