Varanasi News: टैक्सी-कैब पर 15 साल का वन टाइम टैक्स लगाने के विरोध में उबाल,सौंपा ज्ञापन
Banaras Tourism Association ने निर्णय को बताया जनविरोधी; 23 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
वाराणसी, भदैनी मिरर। टैक्सी और कैब वाहनों पर 15 वर्ष का वन टाइम टैक्स एकमुश्त जमा करने के आदेश के विरोध में वाहन मालिकों में नाराजगी बढ़ गई है। Banaras Tourism Association के बैनर तले प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त वाराणसी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।


महामंत्री आनंद सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पहले टैक्सी संचालक तीन-तीन माह में टैक्स जमा करते थे, लेकिन अब 15 साल का टैक्स एकमुश्त जमा करने का आदेश छोटे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ है।
पहले से आर्थिक संकट में चालक
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि टैक्सी संचालक पहले ही डीजल-पेट्रोल, बीमा, फिटनेस, परमिट, मेंटेनेंस और अन्य करों के बढ़ते खर्च से जूझ रहे हैं। ऐसे में 15 वर्ष का वन टाइम टैक्स थोपना अव्यवहारिक और जनविरोधी बताया गया है।
वाहन मालिकों का कहना है कि आमतौर पर गाड़ियां 5-6 साल पुरानी होने के बाद टैक्सी संचालन से हटा दी जाती हैं। ऐसे में 15 साल का टैक्स जमा करना तर्कसंगत नहीं है।

रोजी-रोटी पर असर की आशंका
संगठन का दावा है कि इस निर्णय से लाखों वाहन मालिक और चालक बेरोजगारी की कगार पर पहुंच सकते हैं। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने Commissioner Varanasi Division को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया कि वाहन मालिकों की बात परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।

23 फरवरी से हड़ताल की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग 22 फरवरी 2026 तक नहीं मानी गई तो 23 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वाहन मालिकों ने कहा है कि वे अपने वाहनों के दस्तावेज प्रशासन को सौंपने तक के लिए बाध्य हो सकते हैं।
क्या है मुख्य मांग?
- 15 साल का वन टाइम टैक्स आदेश तत्काल वापस लिया जाए
- या कमर्शियल वाहनों को पूर्ण छूट/राहत दी जाए
- पूर्व व्यवस्था के अनुसार किस्तों में टैक्स जमा करने की अनुमति दी जाए
वाहन मालिकों का कहना है कि वे सम्मानपूर्वक रोजगार जारी रखना चाहते हैं, लेकिन अत्यधिक कर भार उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर कर रहा है।
