वाराणसी में अवैध प्लाटिंग पर सख्ती, वीडीए बनाएगा कालोनाइजर्स की सूची, होगी कड़ी निगरानी
अवैध प्लाटिंग रोकने के लिए वीडीए ने शुरू की बड़ी कार्रवाई, सूचीबद्ध भू-स्वामी व विकासकर्ताओं पर होगी विशेष नजर
वाराणसी, भदैनी मिरर। शहर में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लाटिंग पर अब वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) सख्त रुख अपनाने जा रहा है। अवैध प्लाटिंग पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए वीडीए ने अवैध कॉलोनाइजर्स, विकासकर्ताओं और भू-स्वामियों की सूची तैयार करने का निर्णय लिया है। इस सूची में उनके नाम, संस्था का विवरण और संपर्क जानकारी शामिल होगी, ताकि इन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
अवैध प्लाटिंग से जनता को नुकसान
वीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना तलपट (ले-आउट) स्वीकृति कराए, जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर बेचना उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-14 का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में न तो सीवर, पेयजल, सड़क, बिजली, पार्क और हरित क्षेत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं और न ही नियमानुसार विकास हो पाता है। इसके चलते खरीदारों को ध्वस्तीकरण जैसी कानूनी कार्यवाहियों से आर्थिक हानि झेलनी पड़ती है, वहीं कृषि भूमि और प्राकृतिक आवासों को भी नुकसान पहुंचता है।



माफियाओं की तरह काम कर रहे कॉलोनाइजर्स
अधिकारियों का कहना है कि कई कॉलोनाइजर्स और भू-स्वामी माफियाओं की तरह अवैध प्लाटिंग का कारोबार चला रहे हैं। इनकी गतिविधियों से शहर का नियोजन प्रभावित हो रहा है और आम-जन को धोखा मिल रहा है। वीडीए की प्रवर्तन इकाई समय-समय पर छापेमारी और ध्वस्तीकरण अभियान चलाकर अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई करती रही है। अब उपाध्यक्ष ने आदेश दिया है कि सभी जोनल अधिकारी अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनाइजर्स को चिह्नित कर सूचीबद्ध करें।
यह सूची पाक्षिक (पंद्रह दिन में) अद्यतन की जाएगी और इसकी समीक्षा नियमित रूप से उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी। सूचीबद्ध कालोनाइजर्स पर विशेष नजर रखते हुए उनके खिलाफ विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

