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काशी विश्वनाथ मंदिर में माघ मेले के 5 प्रमुख स्नानों पर स्पर्श दर्शन बंद, VIP दर्शन पर भी रोक
 

19 घंटे में 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, माघ स्नान से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक लागू रहेगी व्यवस्था
 

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वाराणसी, भदैनी मिरर| नए साल के सैलानियों की भीड़ के बाद अब माघ मेले का पलट प्रवाह काशी में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों का जबरदस्त सैलाब उमड़ा। मंदिर में शयन आरती से पहले महज 19 घंटे में ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया।

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19 घंटे में 2.42 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि रात 9 बजे तक 2.42 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके थे। नए साल के अवसर पर लागू की गई विशेष प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाएं अब हटा ली गई हैं, लेकिन माघ मेले को देखते हुए नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
मंदिर प्रशासन के अनुसार माघ मेले के पांच प्रमुख स्नान पर्वों पर स्पर्श दर्शन और वीआईपी दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। यह व्यवस्था स्नान तिथि से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक लागू रहेगी।

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माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व इस प्रकार हैं-14 जनवरी (मकर संक्रांति), 18 जनवरी (मौनी अमावस्या), 23 जनवरी (वसंत पंचमी), 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा), 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) इन सभी तिथियों पर भक्तों को केवल झांकी दर्शन ही कराए जाएंगे।

 पहले से बुक टिकट पर दर्शन की अनुमति

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हालांकि मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित और बुक किए गए दर्शन-पूजन टिकटों पर श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा कोई विशेष या वीआईपी सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि माघ मेले के विशेष स्नान दिनों में एंड-टू-एंड बैरिकेडिंग के तहत श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से झांकी दर्शन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंदिर में दर्शन-पूजन की सामान्य व्यवस्था वही रहेगी, जो नए साल के दौरान लागू की गई थी। यह व्यवस्था माघ मेले के दौरान पड़ने वाले सभी स्नान पर्वों पर समान रूप से लागू होगी।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दें और धैर्यपूर्वक दर्शन कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।
 

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