वाराणसी में 'गला काटने' वाली सोशल मीडिया पोस्ट निकली पूरी तरह फर्जी, अफवाह फैलाने वालों पर UP पुलिस दर्ज करेगी FIR
बाबतपुर काली मंदिर को लेकर वायरल खबर का वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और यूपी फैक्ट चेक ने किया खंडन; साइबर सेल जांच में जुटी
वाराणसी (भदैनी मिरर): सोशल मीडिया पर वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र को लेकर फैलाई जा रही एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज खबर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक साबित हुई है। इंटरनेट पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक फेक न्यूज तेजी से वायरल की जा रही थी, जिसका वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और यूपी पुलिस फैक्ट चेक ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पूरी तरह खंडन किया है। पुलिस अब अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।


क्या थी वो फर्जी खबर?
सोशल मीडिया पर कुछ ट्विटर (X) हैंडल्स द्वारा एक बेहद आपत्तिजनक हेडिंग के साथ पोस्ट शेयर की जा रही थी। इस फर्जी खबर का शीर्षक था— "बलात्कार और धर्मांतरण की धमकी देने पर मुस्लिम युवको का गला काट दलित हिंदू युवती फरार; बाबतपुर स्थित काली मंदिर से कटे सिर बरामद"। इस पोस्ट के सामने आते ही वाराणसी पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई और मामले की सघन जांच की गई, जिसमें यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया।

#UPPFactCheck- सोशल मीडिया पर वायरल यह पोस्ट पूर्णतया भ्रामक है। @varanasipolice द्वारा इसका खण्डन कर अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया एकाउंटस के विरुद्ध FIR पंजीकृत की गयी है।
— UPPOLICE FACT CHECK (@UPPViralCheck) June 21, 2023
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वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और यूपी पुलिस ने किया खंडन
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से आवश्यक सूचना जारी करते हुए लिखा:
"कतिपय ट्वीटर हैंडलों द्वारा एक फेक न्यूज को पोस्ट कर वायरल किया जा रहा है, जो पूर्णतया असत्य एवं भ्रामक है। कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस इस असत्य एवं भ्रामक खबर का खंडन करती है।"
इसके साथ ही, यूपी पुलिस फैक्ट चेक (UP Police Fact Check) ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से स्पष्ट किया:
"सोशल मीडिया पर वायरल यह पोस्ट पूर्णतया भ्रामक है। वाराणसी पुलिस द्वारा इसका खण्डन कर अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया एकाउंट्स के विरुद्ध FIR पंजीकृत की गई है।"
साइबर सेल एक्टिव, अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं
भदैनी मिरर की अपील: किसी भी संवेदनशील या सनसनीखेज खबर को बिना जांचे-परखे सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड न करें। यह एक दंडनीय अपराध है।
कमिश्नरेट वाराणसी के एसीपी साइबर क्राइम, विदुष सक्सेना ने बताया कि यह खबर पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी है। उन्होंने कहा:
"यह फर्जी खबर किस सोशल मीडिया अकाउंट से और किस मंशा के साथ फैलाई गई है, हमारी साइबर टीम उसकी गहराई से पहचान कर रही है। अफवाह फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से अपील है कि वे ऐसी किसी भी फर्जी खबर को शेयर करने से बचें और किसी भी घटना की वास्तविक प्रामाणिकता केवल वैरिफाइड (Verified) सरकारी या पुलिस हैंडल्स से ही तय करें।"
