कफ सीरप तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल रांची से कोलकाता होते हुए दुबई भागा; 126 फर्में जांच के दायरे में
वाराणसी–गाजियाबाद–सोनभद्र में फैले नेटवर्क की एसआईटी कर रही पड़ताल
Nov 28, 2025, 11:43 IST
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वाराणसी, भदैनी मिरर। कोडिनयुक्त कफ सीरप की अवैध सप्लाई चेन चलाने वाले वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल पर शिकंजा कसता जा रहा है। गाजियाबाद पुलिस की जांच में नाम सामने आने के बाद शुभम गिरफ्तारी से पहले ही देश छोड़कर फरार हो गया। सर्विलांस और लोकेशन डिटेल के आधार पर पता चला है कि वह 5 नवंबर को रांची से कोलकाता पहुंचा और वहां से दुबई के लिए उड़ान भरी। पुलिस अब उसे वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है।
फर्जी फर्मों के जरिए चल रहा था करोड़ों का अवैध धंधा
शुभम जायसवाल कायस्थान प्रह्लादघाट का रहने वाला है और उसने फर्जी दवा फर्मों के नाम पर कोडिनयुक्त कफ सीरप की सप्लाई चेन तैयार कर रखी थी। वाराणसी और गाजियाबाद में अलग–अलग गोदाम बनाकर तस्करी का नेटवर्क फैला रखा था। यहां स्टोर किए गए सीरप की सप्लाई यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल से लेकर नेपाल तक होती थी।


सोनभद्र में 3.5 करोड़ का माल पकड़ा गया, तभी खुला नेटवर्क
यह मामला पहली बार सुर्खियों में तब आया जब 19 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने दो कंटेनरों से नमकीन–चिप्स के पैकेटों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए मूल्य की खेप जब्त की थी। इसमें 1.20 लाख से अधिक शीशियां बरामद हुईं।

पूछताछ में सामने आया कि यह माल शुभम की फर्म का था, जिसे मेरठ निवासी आसिफ वसीम के जरिए भेजा गया था।
इसके बाद 4 नवंबर को गाजियाबाद में 1,150 पेटी कफ सीरप जब्त कर आठ तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
वाराणसी में 26 दवा कारोबारियों पर एफआईआर
15 नवंबर को वाराणसी के औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने कोतवाली थाने में शुभम, उसके पिता भोला प्रसाद और 26 दवा कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसमें 89 लाख शीशियों की खरीद का डेटा, और 100 करोड़ रुपये से अधिक के गैर-चिकित्सकीय उपयोग की आशंका दर्ज है।

पुलिस कमिश्नर ने SIT बनाई, पूर्वांचल का बड़ा नेक्सस उजागर
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने 17 नवंबर को IPS सरवणन टी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित की।
SIT और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई में 19 नवंबर की रात रोहनिया में एक जिम के बेसमेंट से 93,750 शीशियां बरामद कीं। इस खेप का कनेक्शन भी शुभम से ही मिला।
जांच में वाराणसी, गाजियाबाद, सोनभद्र, चंदौली और गाजीपुर को जोड़ने वाला "पूर्वांचल नेक्सस” सामने आया, जिसमें 126 संदिग्ध दवा फर्मों की जांच हो रही है।
डिजिटल ट्रेल खंगाल रही विशेषज्ञ टीम
साइबर और सर्विलांस विशेषज्ञ शुभम जायसवाल की
- फोन लोकेशन
- आर्थिक लेनदेन
- इंटरनेट गतिविधियों
- संपर्कों और कॉल डिटेल
की जांच कर रहे हैं। SIT प्रमुख के अनुसार अब ध्यान सप्लाई प्वाइंट तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर है।
