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Varanasi : शिवपुर से लापता दो नाबालिग किशोरियों का महीनों से नहीं लगा सुराग, परिजन पुलिस कमिश्नरेट पहुँचे

दोनों परिवार बोले- थाने से नहीं मिल रही मदद, अधिकारियों से लगाई गुहार; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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Lapata Kishori
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वाराणसी,भदैनी मिरर।  कमिश्नरेट के शिवपुर थाना क्षेत्र से लापता दो नाबालिग किशोरियों का महीनों बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। दोनों परिवार अपनी बेटियों की तलाश में लगातार भटक रहे हैं, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई न मिलने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को युवा फाउंडेशन एनजीओ की अध्यक्ष सीमा चौधरी के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँचे। परिजन मीडिया से बात करते समय फूट-फूटकर रो पड़े और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।

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मामला–1: सुद्धिपुर से 15 वर्षीय किशोरी 23 अक्टूबर को हुई गायब

पहली घटना सुद्धिपुर की रहने वाली 15 वर्षीय बिटिया के गायब होने से जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी युवक 23 अक्टूबर 2025 की दोपहर करीब 2 बजे लड़की को बहला-फुसलाकर घर से भगा लिया।
परिजनों का यह भी कहना है कि जाते समय आरोपी घर से 20,000 रुपये नकद, पायल और सोने की अंगूठी भी ले गए।
घटना के बाद जब परिवार ने पडोसी परिवार से संपर्क किया, तो उनके द्वारा कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों से अपमान, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।

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किशोरी की माँ ने उसी दिन थाना शिवपुर में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन आरोप है कि अब तक न तो आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई और न ही लड़की का पता लगाया गया।

मामला–2: उंदी गाँव की 15 वर्षीय किशोरी तीन महीने से लापता

दूसरा मामला उंदी गांव के 15 वर्षीय किशोरी के गायब होने से जुड़ा है। परिवार का आरोप है कि गांव का ही एक युवक उन्हें बहला-फुसलाकर ले गया है। उसका कुछ लोग मदद भी कर रहे है। 
पीड़ित पिता का कहना है कि जब वह आरोपियों के घर गए तो उन्हें भी गाली-गलौज और धमकी दी गई।
थाना शिवपुर पुलिस ने केस तो दर्ज किया गया है, लेकिन किशोरी के पिता का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक लड़की की तलाश नहीं की और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

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पीड़ित पिता को आशंका है कि उनकी बेटी के साथ किसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया हो।



परिजनों का आरोप: “थाने पर कार्रवाई शून्य, बार-बार टाल दिया जाता है”

दोनों परिवारों ने बताया कि- पुलिस द्वारा अब तक कोई सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया गया। आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। परिवार की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।  
परिवारों ने पुलिस कमिश्नर से मामले में तत्काल कार्रवाई, बेटियों की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

दोनों मामलों में महीनों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। नाबालिग लड़कियों के लापता होने जैसे गंभीर मामलों में देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों, महिला आयोग और न्यायालय तक जाने को मजबूर होंगे।

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