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वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत: CM योगी बोले—कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे

शिवपुर के कंपोजिट विद्यालय से हुआ शुभारंभ, निपुण छात्रों का सम्मान; ड्रॉपआउट रेट 19% से घटकर 3% पर

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश में शिक्षा को जनांदोलन का रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से प्रदेशव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और स्कूली बच्चों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न शैक्षणिक मॉडल्स को देखा। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

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निपुण विद्यालयों और छात्रों को सम्मान

इस मौके पर 5 निपुण विद्यालयों, 5 निपुण छात्रों और 5 नवप्रवेशी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है, ताकि अन्य छात्र भी प्रेरित हो सकें।

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“शिक्षा समाज की सबसे बड़ी शक्ति”

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल डिग्री या प्रमाणपत्र हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को संस्कारी बनाने और समाज व राष्ट्र के निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

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उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, “यदि कोई बच्चा स्कूल से बाहर है, तो यह केवल उस परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि उसे शिक्षा से जोड़ा जाए।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। ‘स्कूल चलो अभियान’ का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना, ड्रॉपआउट दर को कम करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में बड़ा एवं यशस्वी बनने का अवसर आता है, और यदि वह उसका लाभ लेता है, उसके अनुरूप अपने को ढाल लेता है, वह यशस्वी बन जाता है, और जो उससे वंचित रह जाता है, वह जीवन भर अपने कीर्तियों के लिए कुड़ता रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि यह कुड़ने का समय नहीं यशस्वी बनने का समय है। राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बने, बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाए।

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ड्रॉपआउट रेट में बड़ी कमी

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं। पहले जहां विद्यालयों की स्थिति जर्जर थी और नकल जैसी प्रवृत्तियां हावी थीं, वहीं अब हालात बदल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट रेट 19% से घटकर करीब 3% रह गया है, जिसे शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

जनांदोलन बनाने की अपील

सीएम योगी ने ‘स्कूल चलो अभियान’ को जनांदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि 1 से 15 अप्रैल तक शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि आसपास का कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे।

सरकारी योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। बच्चों को निःशुल्क ड्रेस, किताबें और अन्य सुविधाएं सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही हैं।
इसके अलावा, सुमंगला योजना के तहत लाखों बालिकाओं को लाभ मिल रहा है।

मिड-डे मील परोसा, मंदिरों में किए दर्शन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को मिड-डे मील अपने हाथों से परोसा। इससे पहले उन्होंने काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।

मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व अभिभावक उपस्थित रहे।

 
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