वाराणसी : नशे में धुत पड़ोसी ने 29 दिन की नवजात को जमीन पर पटका, हालत गंभीर; FIR दर्ज
खिलाने के बहाने ले गया और सड़क पर पटका, हत्या के प्रयास और एससी/एसटी में केस दर्ज
Jun 7, 2026, 00:49 IST
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भदैनी मिरर, वाराणसी। धर्मनगरी काशी के सारनाथ थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है। यहाँ अकथा क्षेत्र में शनिवार की रात एक नशेबाज पड़ोसी ने महज 29 दिन की नवजात बच्ची को जान से मारने की नीयत से हवा में उठाकर इंटरलॉकिंग सड़क पर पटक दिया। सिर और सीने में गंभीर चोट आने के कारण मासूम अचेत हो गई, जिसे आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।


इस घटना के बाद पुलिस की कथित संवेदनहीनता से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया और चक्काजाम कर वाहनों पर पथराव भी किया। हालांकि, बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खिलाने के बहाने ले गया और सड़क पर पटका

सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा (पहड़िया) निवासी पीड़ित दादा पप्पू बनवासी द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उनकी 29 दिन की पोती (जिसका अभी नामकरण भी नहीं हुआ है) को वह घर पर खेला रहे थे। इसी दौरान पड़ोस का रहने वाला विकास यादव पुत्र शोभा यादव वहाँ आया। वह बच्ची को खिलाने के बहाने थोड़ी दूर लेकर गया और अचानक जान से मारने की नियत से उसे इंटरलॉकिंग पक्की रोड पर पटक दिया। आरोप है कि आरोपी बच्ची का मुंह दबाकर उसे मार डालने की कोशिश कर रहा था, तभी परिजनों ने दौड़कर बच्ची को बचाया और आरोपी को पकड़ लिया।

थाने से भगाने का आरोप, सड़क पर फूटा गुस्सा
परिजनों का आरोप है कि लहूलुहान और अचेत बच्ची को लेकर जब वे शिकायत करने सारनाथ थाने पहुंचे, तो पुलिसकर्मियों ने उनकी एक न सुनी और डांटकर भगा दिया। पुलिस के इस रवैये से नाराज परिजनों और वनवासी समाज के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित लोगों ने अशोका इंस्टीट्यूट तिराहे पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे वाहनों पर पथराव भी किया गया, जिससे सड़क पर करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में मौके पर पहुंची भारी पुलिस बल ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने आरोपी विकास यादव को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
ICU में जिंदगी की जंग लड़ रही मासूम
पटक दिए जाने के बाद मासूम बच्ची पहले तेज चीख के साथ रोई और फिर बेहोश हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में श्रीनगर स्थित 'किलकारी हॉस्पिटल' लेकर भागे, जहां बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कर लिया। बच्ची की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद आरोपी के माता-पिता ने उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
शुरुआती आनाकानी के बाद, चौतरफा दबाव और हंगामे को देखते हुए सारनाथ थाना पुलिस ने आरोपी विकास यादव व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है:
- BNS की धारा- 109(1) (हत्या का प्रयास), 352 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान), 351(3) (अपराधिक धमकी)।
- SC/ST एक्ट- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), और 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
