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वाराणसी में डिजिटल अरेस्ट फ्राड गिरोह के चंगुल से बच गये बीएचयू के रिटायर प्रोफेसर

20 मई की सुबह से साइबर ठगों ने डॉक्टर पी.आर. गुप्ता को कर लिया था डिजिटल अरेस्ट 

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अपनी एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे थे पीआर गुप्ता, मैनेजर को हुआ संदेह 

वाराणसी, भदैनी मिरर। बैंक मैनेजर और लंका थाना प्रभारी की सक्रियता से बीएचयू के रिटायर प्रोफेसर और हृदय रोग विशेषज्ञ पीआर गुप्ता करोड़ों के डिजिटल अरेस्ट फ्राड से बच गये। 20 मई की सुबह से साइबर ठगों ने डॉक्टर पी.आर. गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। 

लंका थाना क्षेत्र के रश्मिनगर कालोनी के निवासी डॉ. पी.आर. गुप्ता को मंगलवार की सुबह से साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया था और तमाम एजेंसियों और सुप्रीम कोर्ट से अरेस्ट आर्डर जारी होने के नाम पर डरा धमका कर दहशत में डाल दिया था। इससे डरे सहमे डॉक्टर एचडीएफसी बैंक की लंका ब्रांच में अपनी एफडी तुड़वाने पहुंचे। उनके हावभाव और डर को देखकर बैंक मैनेजर को संदेह हो गया।

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बातचीत के दौरान उन्हें अहसास हो गया कि डाक्टर किसी परेशानी में हैं और बताने से हिचक रहे हैं। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना लंका थाना प्रभारी शिवकांत मिश्र को दी। सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी डाक्टर को अपने साथ लंका थाने ले आये। उनको भरोसे में लेकर बातचीत शुरू की तो पता चला कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है। थाना प्रभारी ने ठगों के बारे में सूचना साइबर थाने को दी। इसके बाद फोन पर ही साइबर ठगों को डांटना शुरू किया। जब ठगों को पता चला कि वह वास्तव के पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं तो उन्होंने कनेक्शन काट दिया। साईबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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