जाति नहीं, जरूरत के आधार पर मिले आरक्षण: वाराणसी में करणी सेना का बड़ा प्रदर्शन, 2027 चुनाव को लेकर चेताया
शास्त्री घाट पर करणी सेना का हल्लाबोल- कहा, 'जाति नहीं जरूरत के आधार पर मिले आरक्षण, संपन्न लोगों को छोड़ना चाहिए लाभ'
भदैनी मिरर डेस्क, वाराणसी: आरक्षण नीति में संशोधन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के शास्त्री घाट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की पुनः समीक्षा करने और इसे जातिगत आधार के बजाय आर्थिक एवं सामाजिक आवश्यकता के आधार पर लागू करने की मांग की।


सक्षम और संपन्न लोगों को मिले आरक्षण की आवश्यकता नहीं
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि देश में आरक्षण का वास्तविक लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचना चाहिए। जो वर्ग या परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम हो चुके हैं, उन्हें खुद इस लाभ को छोड़ देना चाहिए या फिर व्यवस्था के तहत उन्हें इससे बाहर किया जाना चाहिए।

उदाहरण देते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि चिराग पासवान जैसे सक्षम और संपन्न नेताओं एवं परिवारों को अब आरक्षण की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। जब तक समर्थ लोग इस व्यवस्था से बाहर नहीं होंगे, तब तक वास्तविक गरीब और पिछड़े लोगों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाएगा।
UGC मुद्दे पर जंतर-मंतर आंदोलन का समर्थन


करणी सेना के पदाधिकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर UGC के मुद्दों को लेकर चल रहे देशव्यापी धरने और विरोध प्रदर्शन का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक जगह की नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न जनपदों में इसके समर्थन में आंदोलन चलाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इस मुहिम को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
2027 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है राजनीतिक परिणाम
शास्त्री घाट पर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरते हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और संशोधन पर कोई ठोस एवं गंभीर कदम नहीं उठाया, तो इसका सीधा राजनीतिक असर उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।
प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन भी तैयार किया।
