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राजन श्रीवास्तव बने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के नए कुलसचिव, प्रो. अरुण कुमार सिंह से ग्रहण किया कार्यभार

महामना की बगिया में सेवा का मौका सौभाग्यपूर्ण: आईआईटी (बीएचयू) और अमेठी में दे चुके हैं सेवाएं, बीएचयू के ही रहे हैं छात्र।

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भदैनी मिरर, वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव हुआ है। श्री राजन श्रीवास्तव ने आधिकारिक तौर पर विश्वविद्यालय के नए कुलसचिव (रजिस्ट्रार) का कार्यभार संभाल लिया है। मंगलवार को केंद्रीय रजिस्ट्री स्थित कुलसचिव कार्यालय में निवर्तमान कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने उन्हें पद का दायित्व सौंपा। बता दें कि गत 23 मई को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई थी।

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महामना की बगिया में सेवा मिलना सौभाग्यपूर्ण: कुलसचिव

पदभार ग्रहण करने के बाद नए कुलसचिव श्री राजन श्रीवास्तव ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा:

"महामना की इस पावन बगिया में सेवा का अवसर प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। मैं विश्वविद्यालय की प्रशासनिक, शैक्षणिक और संस्थागत प्रगति के लिए सभी सदस्यों और सहकर्मियों के साथ मिलकर टीम भावना से काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूँ।"

कार्यभार ग्रहण करने के मौके पर केंद्रीय कार्यालय के विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए कुलसचिव से मुलाकात की और उन्हें गुलदस्ता भेंट कर सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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तीन दशकों का लंबा प्रशासनिक अनुभव

श्री राजन श्रीवास्तव उच्च शिक्षा प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी कार्यकुशलता और कुशल नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। बीएचयू का कुलसचिव बनने से पहले वे अमेठी स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (RGIPT), जायस में प्रतिनियुक्ति पर कुलसचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वे आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी में भी करीब साढ़े चार साल तक प्रभारी कुलसचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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बीएचयू से ही शुरू हुआ था सफर, अब बने यहीं के कुलसचिव

रोचक बात यह है कि श्री राजन श्रीवास्तव ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत भी इसी विश्वविद्यालय से की थी। उनका अब तक का सफरनामा इस प्रकार है:

  • 1996: काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बतौर सहायक कुलसचिव (Assistant Registrar) करियर की शुरुआत।

  • 2009: बीएचयू में ही उप कुलसचिव (Deputy Registrar) के पद पर पदोन्नत हुए।

  • 2012: उप कुलसचिव के रूप में आईआईटी (बीएचयू) से नाता जुड़ा।

  • 2014: संयुक्त कुलसचिव (Joint Registrar) के रूप में संस्थान के प्रशासनिक व वित्तीय कार्यों को संभाला।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पुराछात्र भी हैं राजन श्रीवास्तव

नए कुलसचिव का बीएचयू से छात्र के रूप में भी पुराना नाता रहा है। उन्होंने वर्ष 1991 में बीएचयू से ही बी.एससी. (B.Sc.) और वर्ष 1993 में वनस्पति विज्ञान (Botany) से एम.एससी. (M.Sc.) की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 2010 में उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से एम.बी.ए. (MBA) की उपाधि भी प्राप्त की। उनके इसी शैक्षणिक और तीन दशकों के समृद्ध प्रशासनिक अनुभव का लाभ अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय को मिलेगा।