BHU के बाल विभाग में कुत्तों का 'राज', अखिलेश यादव का PM मोदी और CM योगी पर तीखा हमला: "क्योटो नहीं बना सके तो कुकुरमुक्त ही कर दीजिए"
अखिलेश यादव ने एक्स (Twitter) पर साझा की तस्वीर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
वाराणसी (भदैनी मिरर): काशी की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल 'सर सुंदरलाल अस्पताल' (BHU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस बार मामला अस्पताल के बाल रोग विभाग (Paediatrics OPD) का है, जहां इलाज के इंतजार में बैठे मासूमों और परिजनों के बीच आवारा कुत्तों के आराम फरमाने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर को हथियार बनाकर समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष पर करारा हमला बोला है।


क्योटो नहीं बना सके तो कुकुरमुक्त ही कर दीजिए।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 28, 2026
कम-से-कम प्रधान संसदीय क्षेत्र के प्रधान अस्पताल को तो सुधरवा दीजिए और डबल इंजन में टकराहट नहीं है तो उप्र के मुख्यमंत्री जी से कहकर उप्र के स्वास्थ्य मंत्री का क़ायदे से हालचाल पूछकर, इस दुर्गति के लिए उनका फ़ुल चेकअप और सही इलाज… pic.twitter.com/J9ort7uScv

अखिलेश यादव का "कुकुरमुक्त" तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर वायरल तस्वीर को साझा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बनारस को 'क्योटो' बनाने के वादे पर तंज कसते हुए लिखा— "क्योटो नहीं बना सके तो कुकुरमुक्त ही कर दीजिए।"

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को घेरा
अखिलेश यादव ने सीधे प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि कम से कम अपने संसदीय क्षेत्र के मुख्य अस्पताल की हालत तो सुधरवा दीजिए। उन्होंने यूपी की राजनीति में चल रही 'डबल इंजन' की चर्चाओं को भी इस मामले से जोड़ दिया। अखिलेश ने लिखा:
"अगर डबल इंजन में टकराहट नहीं है तो यूपी के मुख्यमंत्री जी से कहकर, यूपी के स्वास्थ्य मंत्री का कायदे से हालचाल पूछकर, इस दुर्गति के लिए उनका फुल चेकअप और सही इलाज करवा दीजिए और उन्हें अस्पताल के पदभार से परमानेंट छुट्टी दिलवा दीजिए।"
'डबल चाल' का लगाया आरोप
सपा मुखिया ने बीजेपी के भीतर चल रही कथित गुटबाजी की ओर इशारा करते हुए यह भी सवाल उठाया कि कहीं ये सब प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोई 'डबल चाल' तो नहीं है? उन्होंने अस्पताल की इस बदहाली को प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतीक बताया।
अस्पताल प्रशासन में हड़कंप
तस्वीर वायरल होने और पूर्व मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद बीएचयू अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई है। जिस ओपीडी में नवजात बच्चों और गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज होता है, वहां आवारा कुत्तों का घूमना संक्रमण के खतरे को भी बढ़ाता है। स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों ने भी सुरक्षा व्यवस्था और सफाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अब देखना यह है कि इस हाई-प्रोफाइल सियासी हमले के बाद अस्पताल प्रशासन और शासन क्या ठोस कदम उठाता है।
