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सारनाथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: रेप और धमकी के मुकदमे में 3 महीने बाद भी आरोपी फरार

बीएनएस की धारा 69 के तहत दर्ज मुकदमे में कार्रवाई न होने से आहत पीड़िता; विवेचक पर लापरवाही और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप।

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वाराणसी (भदैनी मिरर क्राइम डेस्क): वाराणसी कमिश्नरेट के थाना सारनाथ में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराए जाने के बावजूद नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़िता ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आदमपुर थाना क्षेत्र के जलालीपुरा की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस आयुक्त (CP) कमिश्नरेट वाराणसी को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष विवेचना कराने और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

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क्या है पूरा मामला?

पीड़िता के अनुसार, उन्होंने 20 अगस्त 2026 को थाना सारनाथ में आरोपी शाहनवाज आलम उर्फ सागर, मुनीर, सलीना और साहिना के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 445/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 351(3) के अंतर्गत गंभीर धाराओं में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के कई माह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस या सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।

विवेचक पर लापरवाही और ढिलाई का आरोप

प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने बताया कि मुकदमे की विवेचना सारनाथ थाने के उप-निरीक्षक अनुज कुमार द्वारा की जा रही है।

  • कोर्ट में बयान दर्ज: पीड़िता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 180 और 183 के तहत अपना कलमबंद बयान न्यायालय में दर्ज करा दिया है, जिसमें उन्होंने घटना का पूर्ण समर्थन किया है।

  • कार्रवाई में सुस्ती: पीड़िता का कहना है कि विवेचनाधिकारी द्वारा न तो नामजद अभियुक्तों से कोई पूछताछ की गई है, न उनकी गिरफ्तारी हुई है और ना ही किसी स्वतंत्र साक्षी का बयान कलमबंद किया गया है।

  • सुलह के लिए मिल रही धमकी: आरोपी लगातार पीड़िता और उसके परिवार को मुकदमा वापस लेने और सुलह करने के लिए डरा-धमका रहे हैं और प्रताड़ित कर रहे हैं।

पीड़िता ने अंदेशा जताया है कि विवेचनाधिकारी आरोपियों के प्रभाव में आकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और पीड़िता को गुमराह कर रहे हैं।

पुलिस आयुक्त से लगाई न्याय की गुहार

पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से मामले का संज्ञान लेते हुए विवेचनाधिकारी और थानाध्यक्ष सारनाथ को सख्त निर्देश देने की मांग की है, ताकि नामजद अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके और पीड़िता को सुरक्षा व न्याय मिल सके।