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पुलवामा हमले की बरसी पर वाराणसी पुलिस लाइन में 40 शहीदों की याद में पौधारोपण, भावुक हुईं शहीद रमेश यादव की पत्नी

पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, 40 पौधे लगाकर जवानों को नमन- रेनू यादव ने स्मारक निर्माण में उपेक्षा का लगाया आरोप

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वाराणसी, भदैनी मिरर| पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर शुक्रवार को वाराणसी स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में ‘काला दिवस’ के रूप में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण कर उन्हें नमन किया गया और दो मिनट का मौन रखकर देश की एकता व अखंडता की शपथ ली गई।

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वक्ताओं ने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले को देश के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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40 शहीदों की याद में लगाए गए 40 पौधे

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Bar Council से जुड़े अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की पावन स्मृति में 40 पौधे रोपे गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शहीदों के सम्मान में पौधारोपण करें और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।

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इस मौके पर पुलवामा हमले में शहीद हुए वाराणसी निवासी रमेश यादव को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। उनकी पत्नी रेनू यादव कार्यक्रम में मौजूद रहीं और अपने हाथों से पौधा लगाकर पति समेत सभी शहीदों को नमन किया। इस दौरान माहौल भावुक हो उठा।

रेनू यादव ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि शहीद की प्रतिमा और स्मारक निर्माण में परिवार की राय नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि बिना पूछे ही आधी-अधूरी प्रतिमा स्थापित कर दी गई, जबकि उनके पति की पूर्ण प्रतिमा लगनी चाहिए थी।

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उन्होंने यह भी कहा कि शहीद के नाम पर बने गेट के अनावरण की सूचना उन्हें आधिकारिक तौर पर नहीं दी गई। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें डीएम कार्यालय में सरकारी नौकरी और अनुग्रह राशि मिल चुकी है, लेकिन अन्य वादे अब भी अधूरे हैं। रेनू यादव ने सरकार से शहीद के सम्मान के अनुरूप स्मारक निर्माण की मांग की।

 सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील

हाल ही में कचहरी को ईमेल के जरिये मिली संदिग्ध धमकी के संदर्भ में वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। फिलहाल जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन आम नागरिकों को भी जागरूक रहने की जरूरत है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया।

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