बीएचयू में पद्मश्री डॉ. टीके लाहिरी से दुर्व्यवहार पर गरमाई राजनीति: कांग्रेस ने डबल इंजन सरकार और प्रशासन को घेरा
आईसीयू में भर्ती 85 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक के साथ थप्पड़ मारने और गाली-गलौज के परिजनों के आरोपों के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर बीएचयू पहुंचे महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे।
वाराणसी | 6 सितंबर 2026
— देश के प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित 85 वर्षीय डॉ. टीके लाहिरी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे पार्टी प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को बीएचयू पहुंचे। उन्होंने डॉ. लाहिरी के स्वास्थ्य का हाल जाना, चिकित्सकों से बातचीत की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

परिजनों का आरोप: आईसीयू में एसोसिएट प्रोफेसर ने की मारपीट
डॉ. टीके लाहिरी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आईसीयू में भर्ती डॉ. लाहिरी के साथ एक एसोसिएट प्रोफेसर ने कथित रूप से गाली-गलौज की और उन्हें थप्पड़ मारा। परिजनों के अनुसार घटना के बाद 85 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक के चेहरे पर चोट के निशान भी देखे गए। इस घटना के सामने आने के बाद बीएचयू जैसे देश के शीर्ष चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थान में अनुशासन, सुरक्षा और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

'चिकित्सा की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं पर हमला' — राघवेंद्र चौबे
बीएचयू परिसर में मीडिया एवं कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि डॉ. टीके लाहिरी ने अपना पूरा जीवन चिकित्सा, शिक्षा और असहाय मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया है।
"डॉ. टीके लाहिरी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है। जीवन के इस पड़ाव पर आईसीयू में भर्ती एक वयोवृद्ध चिकित्सक के साथ ऐसी घटना होना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं पर सीधा प्रहार है।"
कांग्रेस के मुख्य बिंदु और मांगें
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करते हुए कई अहम सवाल उठाए:

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डबल इंजन सरकार पर सवाल: वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद देश के प्रमुख संस्थान के आईसीयू में वरिष्ठतम चिकित्सक सुरक्षित नहीं हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न: आईसीयू जैसी अति-संवेदनशील जगह पर किसी मरीज या चिकित्सक के साथ ऐसी घटना होना बीएचयू की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
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निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो।
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पीएम मोदी से संज्ञान लेने की अपील: चूंकि यह घटना उनके संसदीय क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण संस्थान से जुड़ी है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वयं इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
घटना का संक्षिप्त ब्यौरा
| विवरण | जानकारी |
| पीड़ित चिकित्सक | पद्मश्री डॉ. टीके लाहिरी (आयु 85 वर्ष, पूर्व विभागाध्यक्ष व वरिष्ठ चिकित्सक) |
| घटना स्थल | आईसीयू, सर सुंदरलाल अस्पताल, बीएचयू (वाराणसी) |
| कथित आरोप | एक एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा गाली-गलौज और थप्पड़ मारना |
| कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल | राघवेंद्र चौबे (महानगर अध्यक्ष), चंचल शर्मा (युवा कांग्रेस अध्यक्ष), रोहित दुबे, प्रिंस चौबे, आयुष पटेल |
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगी। यदि पीड़ित चिकित्सक को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो इस मुद्दे को बीएचयू प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक मजबूती से उठाया जाएगा।
