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वाराणसी में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर भड़के लोग! डीह बाबा का चबूतरा तोड़ने पर विरोध 

चितईपुर के आदित्य नगर में नगर निगम की कार्रवाई का भारी विरोध; पुलिस के दोबारा मरम्मत के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला, बैरंग लौटी टीम।

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वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): धर्म और संस्कृति की नगरी काशी के चितईपुर इलाके में बुधवार को उस समय भारी अफ़रातफ़री मच गई, जब अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम ने स्थानीय 'डीह बाबा मंदिर' की दीवार और चबूतरे को ढहा दिया। इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और महिलाओं-पुरुषों ने मिलकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोग कार्रवाई रोकने के लिए सीधे नगर निगम की जेसीबी (JCB) मशीन के आगे लेट गए और करौंदी-चितईपुर मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया।

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क्या है पूरा विवाद?

मामला चितईपुर थाना क्षेत्र के आदित्य नगर का है। नगर निगम के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, डीह बाबा का यह मंदिर सरकारी जमीन पर बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय लोग मंदिर की छत ढालने के लिए वहां पिलर का निर्माण करवा रहे थे। बुधवार को सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में जब प्रवर्तन दल की टीम वहां पहुंची, तो उन्होंने इस नए निर्माण पर आपत्ति जताई और पुलिस बल को बुलाकर चबूतरा और दीवार तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।

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जेसीबी के आगे लेटे लोग, जमकर हुई नारेबाजी

जैसे ही नगर निगम के बुलडोजर ने आस्था के केंद्र डीह बाबा मंदिर के चबूतरे को छुआ, स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय महिलाएं और पुरुष जेसीबी के आगे ही जमीन पर लेट गए, जिससे पूरी टीम बैकफुट पर आ गई।

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इसके बाद नाराज लोगों ने करौंदी-चितईपुर मुख्य मार्ग को घेरकर जाम लगा दिया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क जाम होने के कारण मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पुलिस ने दिया दोबारा मरम्मत का आश्वासन, बैरंग लौटी टीम

हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही चितईपुर के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित स्थानीय नागरिकों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। माहौल को बिगड़ता देख और जनता के भारी विरोध के आगे आखिरकार नगर निगम की टीम को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी और टीम बैरंग वापस लौट गई।

तनाव को शांत करने के लिए प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त हुए मंदिर के हिस्से की दोबारा मरम्मत कराई जाएगी। पुलिस के इस भरोसे और आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने अपना आंदोलन खत्म किया और करौंदी-चितईपुर मार्ग पर आवागमन दोबारा सामान्य हो सका। हालांकि, इलाके में अभी भी इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में सुगबुगाहट बनी हुई है।