BHU में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा: छात्रों का विरोध प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
NTA की कार्यप्रणाली पर भड़के बीएचयू के छात्र-छात्राएं, सड़कों पर उतरकर की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग
वाराणसी भदैनी मिरर: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में एक बार फिर छात्रों का आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं, कथित पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की संदिग्ध कार्यप्रणाली के विरोध में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया।


हाथों में पोस्टर-तख्तियां लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकले और केंद्र सरकार व NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
"युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे सरकार"
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं और छात्र-छात्राओं का आरोप है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा धांधलियों और पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। छात्रों का कहना है कि महीनों और सालों की मेहनत पर परीक्षा प्रणाली की कमियां पानी फेर रही हैं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख रूप से दो बड़ी मांगे रखीं:
-
NTA की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
-
लगातार हो रही गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा दें।
पारदर्शी व्यवस्था तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष नहीं बना दिया जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन रुकने वाला नहीं है। छात्रों ने तख्तियों के माध्यम से सरकार से अपील की कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तुरंत कठोर कदम उठाए जाएं।

परिसर में सुरक्षा सख्त, प्रदर्शन रहा शांतिपूर्ण
छात्रों के बड़े प्रदर्शन की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड में आ गई। विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। हालांकि, पूरे प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही और छात्रों ने अनुशासित तरीके से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाई।


