पान दरीबा में बूचड़खाने की अफवाह पर हंगामा, DCP काशी जोन बोले- नहीं मिला कटान का कोई प्रमाण
विश्वनाथ मंदिर के पास अवैध कटान की सूचना निकली अफवाह, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
वाराणसी,भदैनी मिरर। वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पान दरीबा चौकी इलाके में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब काशी विद्यापीठ के छात्र नेता आशीष ने कथित बूचड़खाना चलने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सूचना मिलते ही DCP काशी जोन गौरव वंशवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की तलाशी कराई गई। जांच के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध कटान या बूचड़खाना संचालित होने का कोई प्रमाण नहीं मिला।


डीसीपी ने स्पष्ट किया कि पान दरीबा क्षेत्र में एक पुरानी बकरा मंडी है, जहां केवल बकरों की खरीद–फरोख्त होती है। यह मंडी वर्षों पुरानी है और यहां कटान की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है, जबकि दो किलोमीटर की परिधि में बूचड़खाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

डीसीपी गौरव वंशवाल ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अवैध कटान और बूचड़खाना चलने की सूचना दी गई थी, लेकिन मौके से ऐसा कोई अवशेष बरामद नहीं हुआ। गौ-हत्या की अफवाहों को भी उन्होंने सिरे से खारिज किया।
हालांकि, बकरी काटने से जुड़ी एक शिकायत के आधार पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अफवाह किसने फैलाई। डीसीपी ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मीट डीलर का पक्ष
मीट डीलर्स शॉप के मालिक ने बताया कि अचानक 20–25 लोग आए और दरवाजा पीटने लगे। कर्मचारियों के साथ मारपीट और धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि यह बकरा मंडी सैकड़ों साल पुरानी है, जहां गांवों से पाल और गड़ेरिया समाज के लोग अपने बकरे बेचने आते हैं और सुबह होते-होते कारोबार खत्म हो जाता है।
मालिक ने दावा किया कि आज तक यहां किसी बकरे का कटान नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम के दो सफाईकर्मी, जो हिंदू हैं, रोज यहां सफाई करते हैं -अगर कटान होता तो यह छिप नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामले को लेकर वे उच्च अधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।
