NEET पेपर लीक को लेकर वाराणसी में आक्रोश: NSUI ने घेरा जिला मुख्यालय, NTA को बैन करने की उठी मांग
NEET पेपर लीक: वाराणसी में NSUI का बड़ा प्रदर्शन, NTA को बैन करने की मांग
वाराणसी। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'NEET' में कथित पेपर लीक और धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। गुरुवार को NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) के कार्यकर्ताओं और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने संयुक्त रूप से वाराणसी जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने परीक्षा में हुई अनियमितताओं के विरोध में नारेबाजी की और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।


शिक्षा मंत्री और NTA पर साधा निशाना
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडे ने सीधे तौर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि NTA लगातार परीक्षाएं कराने में विफल साबित हो रहा है। दलालों और बड़े रसूखदारों के माध्यम से पेपर लीक कराकर लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर भी कटाक्ष किया।

NSUI की 4 प्रमुख मांगें:
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CBI जांच: NEET परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय CBI जांच कराई जाए।
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दोषियों पर कार्रवाई: पेपर लीक में शामिल दलालों और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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NTA पर प्रतिबंध: धांधली को रोकने में नाकाम रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल बैन किया जाए।
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पारदर्शी व्यवस्था: भविष्य में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े इंतजाम हों।
"यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य का सवाल है जो डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। अगर NTA को बैन नहीं किया गया और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो हम प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का घेराव करेंगे।"
— ऋषभ पांडे, प्रदेश अध्यक्ष, NSUI
बड़े आंदोलन की चेतावनी
ऋषभ पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी यह केवल शुरुआत है। अगले एक-दो दिनों में नीट के प्रभावित छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि फाइलों में सिमटकर कार्रवाई रह गई, तो वाराणसी से लेकर दिल्ली तक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र नेता और एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
