चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर फूटा आक्रोश, मानवाधिकार फाउंडेशन ने DM को सौंपा ज्ञापन
बनारस में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से हुई युवक की मौत के बाद नागरिकों में भारी गुस्सा; थानों में प्रभावी अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग।
भदैनी मिरर वाराणसी डेस्क: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चाइनीज मांझे की वजह से लगातार हो रहे जानलेवा हादसों और एक व्यक्ति की मौत के बाद नागरिक समाज में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार को 'मानव रक्त फाउंडेशन' के अध्यक्ष एडवोकेट अबू हाशिम के नेतृत्व में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई है।

'चाइनीज मांझा नहीं, यह आम आदमी के लिए काल है'
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला सिंथेटिक और नायलॉन आधारित चाइनीज मांझा अब किसी खेल का साधन नहीं, बल्कि राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए मौत का फंदा बन चुका है। हाल ही में वाराणसी में इस खतरनाक मांझे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे शहरवासियों में भारी दहशत और गुस्सा है।
प्रमुख मांगें:
फाउंडेशन की ओर से जिला प्रशासन से निम्नलिखित सख्त कदम उठाने की मांग की गई है:
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पूर्ण प्रतिबंध: वाराणसी जिले की सीमाओं के भीतर चाइनीज मांझे के आयात, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
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विशेष अभियान: जनपद के सभी थानों को कड़े निर्देश जारी किए जाएं ताकि दुकानों पर छापेमारी कर चाइनीज मांझे के अवैध स्टॉक को पकड़ा जा सके।
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सख्त कानूनी कार्रवाई: साक्ष्य के आधार पर दोषी दुकानदारों और संरक्षको के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी जानलेवा सामग्री बेचने की हिम्मत न कर सके।
प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि आगामी त्योहारों और पर्वों को देखते हुए इस पर जल्द ही कोई बड़ा और निर्णायक कदम उठाया जाएगा।
