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सावन के पहले दिन काशी में उमड़ा आस्था का समंदर: 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हुई शिव नगरी

मंदिर धाम में सुबह से लगी भक्तों की लंबी कतारें; प्रशासन ने सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम, जगह-जगह लगाए गए मेडिकल कैंप

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वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): पवित्र श्रावण (सावन) महीने के पहले दिन धर्म, अध्यात्म और आस्था की नगरी वाराणसी में शिव भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। देवाधिदेव महादेव के पावन धाम श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह तड़के से ही दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला। पूरा मंदिर परिसर और गंगा घाट 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहे।

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भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाबा विश्वनाथ का गंगाजल, दूध और बेलपत्र से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया और परिवार व देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस बल तैनात

सावन के पहले दिन जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। मंदिर परिसर, विश्वनाथ धाम के प्रवेश द्वारों और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं:

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  • सघन चेकिंग और निगरानी: संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

  • सुगम दर्शन व्यवस्था: श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के सुलभ और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए विशेष रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल कैंप और पेयजल की उत्तम व्यवस्था

भीड़ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं:

  • मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस: मंदिर मार्ग और प्रमुख स्थलों पर चिकित्सा शिविर (Medical Camps) लगाए गए हैं, जहाँ डॉक्टरों की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस सेवा भी अलर्ट मोड पर है।

  • पेयजल और शेड: उमस और गर्मी से राहत दिलाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शुद्ध पेयजल, वाटर मिस्ट और धूप से बचाव के लिए शेड की व्यवस्था की गई है।

प्रशासनिक अधिकारी खुद ग्राउंड ज़ीरो पर उतरकर सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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