चौबेपुर में नाबालिग के अपहरण मामले में नया मोड़, बुजुर्ग महिला ने पुलिस को पत्र सौंपकर लगाए गंभीर आरोप; जांच की मांग
प्रार्थिनी दुईजा देवी का आरोप— पारिवारिक रंजिश और जमीन विवाद में पड़ोसी महिला ने बेटी का सहारा लेकर रचा फर्जी षड्यंत्र, मेरे नाबालिग पौत्र को फंसाया।
वाराणसी (चौबेपुर): जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम शंकरपुर में बीते दिनों दर्ज हुए एक नाबालिग लड़की के लापता/अपहरण होने के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले में नामजद किए गए एक आरोपी की दादी (बुजुर्ग महिला) ने पुलिस प्रशासन और उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले को झूठा, मनगढ़ंत और पारिवारिक रंजिश से प्रेरित बताया है। प्रार्थिनी ने मामले की निष्पक्षता से जांच कराने और उनके नाबालिग पौत्र को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।


क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम शंकरपुर निवासी चंदा (पत्नी स्व० संजय) की नाबालिग पुत्री वर्तिका पारिवारिक विवाद के कारण अपनी मां से नाराज होकर कहीं चली गई थी। इस संबंध में चौबेपुर थाने में दिनांक 28 मई 2026 को मु0अ0सं0-267/2026 के तहत धारा-137 (2) (BNS) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।

बुजुर्ग महिला का आरोप— मीडिया के प्रभाव में पुलिस ने की कार्रवाई
मामले में नया मोड़ तब आया जब शंकरपुर की ही निवासी प्रार्थिनी दुईजा देवी (पत्नी स्व० धीरगू) ने अधिकारियों को पत्र देकर आरोप लगाया कि दिनांक 1 जून 2026 को पुलिस ने मीडिया के प्रभाव व दबाव में आकर उनके नाबालिग पौत्र काजू को पूछताछ के लिए चौकी पर बुलाया और वहां बैठा लिया। वहां पर दो अन्य युवकों, राजेश और करन को भी बैठाया गया था। पूछने पर पुलिस द्वारा बताया गया कि काजू पर नाबालिग बच्ची के अपहरण और गंभीर अपराध के आरोप लगाए गए हैं।

जमीन विवाद और पुरानी रंजिश का दावा
प्रार्थिनी दुईजा देवी ने अपने शिकायती पत्र में दावा किया है कि यह पूरा मामला पूरी तरह से झूठा और कूटरचित है। पत्र के अनुसार:
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जमीन का विवाद: आरोपी पक्ष के राजेश और पीड़िता की माता चंदा के बीच लंबे समय से पारिवारिक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते पूर्व में भी कथित पीड़िता की माता द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई थी।
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पूर्व का विवाद: प्रार्थिनी के परिवार से भी चंदा का पूर्व में विवाद हो चुका है। दुईजा देवी का आरोप है कि शिकायतकर्ता महिला का चाल-चलन ठीक नहीं है और वह मुकदमेबाज किस्म की महिला है।
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10 साल पुराना मामला: पत्र में आरोप लगाया गया है कि करीब 10 वर्ष पूर्व भी उक्त महिला ने राजेश (पुत्र स्व० बैजनाथ) को एक फर्जी मामले में फंसाने की नाकाम कोशिश की थी।
"जमीन कब्जाने के लिए बेटी का लिया सहारा"
प्रार्थिनी दुईजा देवी ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 10 साल बाद पुनः अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने और राजेश से जमीन कब्जाने के उद्देश्य से उक्त महिला ने अपनी ही नाबालिग पुत्री का सहारा लेकर यह पूरा षड्यंत्र रचा है। अगर इस मामले में एकतरफा कार्रवाई होती है, तो यह न्याय की हत्या होगी।
निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग
बुजुर्ग महिला दुईजा देवी ने पुलिस प्रशासन से हाथ जोड़कर प्रार्थना की है कि उनके नाबालिग पौत्र काजू और अन्य लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जमीनी हकीकत और उनके पीछे की रंजिश की निष्पक्षतापूर्वक जांच की जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और किसी बेगुनाह को सजा न भुगतनी पड़े। फिलहाल पुलिस इस शिकायती पत्र के आधार पर मामले के दोनों पहलुओं की जांच में जुट गई है।
