NEET Paper Leak: वाराणसी में 'ऐपवा' महिलाओं की भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
दिल्ली जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में उतरीं महिलाएं; कहा— 'लीक' हो रहा देश के युवाओं का भविष्य
भदैनी मिरर, वाराणसी : देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली को लेकर अब महिलाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित घसियारी टोला में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति के पास अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) से जुड़ी महिलाओं ने बुधवार को एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की।


महिलाओं का यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविदों और छात्र-छात्राओं द्वारा पिछले 11 दिनों से की जा रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया था।
लेखपाल से लेकर NEET तक... हर परीक्षा का पेपर हो रहा लीक: कुसुम वर्मा
भूख हड़ताल के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा (AIPWA) की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "देश में पेपर लीक होना अब एक परंपरा बन चुकी है। चाहे लेखपाल की परीक्षा हो, UPSI हो या फिर TGT, PGT और NEET; हर महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर ऐसी चुप्पी साध रखी है, जैसे उन्हें युवाओं के भविष्य की कोई परवाह ही न हो।"

NTA को भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल रोजा मैथ्यू ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस धांधली से देश के 23 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। मानसिक तनाव के कारण कई बच्चों को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

"सत्ता के मद में चूर है सरकार"
ऐपवा की जिलाध्यक्ष सुतपा ने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक तरफ देश को 'विश्व गुरु' और 'विकसित भारत' बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं की बात तक नहीं सुनी जा रही है। यह सरकार पूरी तरह सत्ता के मद में चूर होकर युवाओं की आवाज को दबाने का काम कर रही है।
वहीं, किसान नेता कृपा वर्मा ने आगाह किया कि शिक्षा व्यवस्था में इस तरह की धांधली देश के भविष्य को अंधकार में धकेल देगी। हालांकि, देश का युवा बाबा साहब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के संदेश को अपनाकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है।
जूस पिलाकर तुड़वाया गया उपवास
दिनभर चली इस प्रतीकात्मक भूख हड़ताल का समापन ऐपवा की वरिष्ठ साथी कृपा वर्मा द्वारा आंदोलनकारी महिलाओं को जूस पिलाकर कराया गया। इस विरोध प्रदर्शन और सामूहिक उपवास में मुख्य रूप से कुसुम वर्मा, सुतपा, रोजा मैथ्यू के अलावा बेबी, धनशीला, सोनी, सोना, विभा, सीमा, अनीता, पूजा, स्मिता, गायत्री और मुन्नी सहित भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

