वाराणसी में नर सेवा ही नारायण सेवा: भीषण गर्मी में 'दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान' ने राहगीरों को पिलाया शरबत
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर चौकाघाट के पास लगा शरबत का स्टॉल, अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने भी की सराहना।
वाराणसी। धर्म नगरी काशी में इन दिनों सूर्यदेव के तीखे तेवर के कारण भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इस तपती धूप और पुरुषोत्तम मास (अधिक मास/मलमास) के पावन संयोग को देखते हुए सामाजिक संस्थाएं राहत कार्यों के लिए आगे आ रही हैं। इसी क्रम में 'दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान' द्वारा राहगीरों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए एक सराहनीय पहल की गई।


संस्थान की ओर से वाराणसी के हुकुलगंज स्थित चौकाघाट के पास विशाल शरबत वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाकर तृप्त किया गया।
नर सेवा ही नारायण सेवा: संतोषी शुक्ला
'भदैनी मिरर' से विशेष बातचीत करते हुए संस्थान की अध्यक्ष संतोषी शुक्ला ने कहा कि काशी बाबा विश्वनाथ की नगरी है और यहाँ 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के संकल्प के साथ काम किया जाता है। उन्होंने बताया कि वे विगत कई वर्षों से लगातार विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।

संतोषी शुक्ला ने आगे कहा, "इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और साथ ही पुरुषोत्तम मास भी चल रहा है। काशी आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में राहगीरों और बाबा के भक्तों को किसी प्रकार का कष्ट न हो और उन्हें थोड़ी राहत मिले, इसी पवित्र सोच के साथ संस्थान द्वारा यह सेवा कार्य किया गया है।"

हिंदू महासभा के प्रदेश प्रभारी ने की सराहना
संस्थान के इस पुनीत कार्य में अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश प्रभारी सहित कई अन्य गणमान्य पदाधिकारी और सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रदेश प्रभारी ने दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि तपती गर्मी में प्यासे को पानी या शरबत पिलाना सनातन संस्कृति में सबसे बड़ा और पुण्य का कार्य माना गया है, और यह संस्थान समाज सेवा की अद्भुत मिसाल पेश कर रहा है।
शिविर के दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों, राहगीरों और दर्शनार्थियों ने शरबत ग्रहण कर राहत सांस ली। इस दौरान संस्थान के कई पदाधिकारी और सेवादार मुस्तैदी से लोगों की सेवा में जुटे रहे।
"काशी में नर सेवा ही नारायण सेवा है। भीषण गर्मी और पुरुषोत्तम मास को देखते हुए हमारी संस्था ने राहगीरों व श्रद्धालुओं के लिए यह प्रयास किया है ताकि उन्हें इस तपती धूप में थोड़ी राहत मिल सके।" — संतोषी शुक्ला, अध्यक्ष (दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान)
